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डीएम कार्यालय के पास पहुंची जंगल की आग
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बागेश्वर कलक्ट्रेट के पास लगी आग बुझाते फायर सर्विस के कर्मचारी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिले में वनाग्नि का कहर जारी है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों के जंगल धधक रहे हैं। जिलाधिकारी कार्यालय और आपदा कंट्रोल रूम के नजदीक तक आग पहुंच गई। आग से बिजली का तार भी जलकर गिर गया। अग्निशमन और वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
मंगलवार को दोपहर बाद अचानक कलक्ट्रेट की पहाड़ी पर आग लग गई। हवा के झोंकों के साथ आग तेजी से जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गई। आग जिलाधिकारी कार्यालय, कोषागार, आपदा कंट्रोल रूम और डीएम आवास की ओर बढ़ने लगी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां आग बुझाने को रवाना हुईं। अग्निशमन अधिकारी महेश चंद्र के नेतृत्व में जब तक टीम मौके पर पहुंची आग कार्यालयों के काफी करीब आ चुकी थी। वन विभाग के कर्मचारियों और फायर सर्विस के जवानों की संयुक्त टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
एफएसओ महेश चंद्र ने बताया कि समय रहते आग पर काबू पाकर बड़ा नुकसान होने से बच गया, हालांकि कार्यालयों के पास खड़ा बिजली का पोल आग की चपेट में आ गया। टीम में लीडिंग फायरमैन हीरश कुंवर, गणेश चंद्र, दीपक कुमार, जगदीश सिंह, अनिल आदि थे।
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अमसरकोट और बोरगांव के जंगल धधके
बागेश्वर। अमसरकोट और बोरगांव के जंगल भी वनाग्नि की चपेट में हैं। सोमवार रात से लगी आग से मंगलवार को भी क्षेत्र के जंगल धधकते रहे। ग्रामीणों ने बताया कि वनों की आग आबादी के करीब तक पहुंच रही है। ग्रामीणों को स्वयं आग बुझाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जंगल की आग के कारण जिला मुख्यालय सहित अन्य घाटी वाले क्षेत्रों में धुआं फैला है। ग्रामीणों ने वन विभाग से वनाग्नि को रोकने के लिए ठोस उपाय करने की मांग की है।
वन विभाग ने वनाग्नि पर काबू पाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। सूचना मिलते ही विभागीय कर्मचारियों की टीम रवाना कर दी जाती है। कलक्ट्रेट की पहाड़ी और अमसरकोट के जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके को रवाना कर दी गई थी। - मनीष कुमार, वन क्षेत्राधिकारी, बागेश्वर
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मंगलवार को दोपहर बाद अचानक कलक्ट्रेट की पहाड़ी पर आग लग गई। हवा के झोंकों के साथ आग तेजी से जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गई। आग जिलाधिकारी कार्यालय, कोषागार, आपदा कंट्रोल रूम और डीएम आवास की ओर बढ़ने लगी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां आग बुझाने को रवाना हुईं। अग्निशमन अधिकारी महेश चंद्र के नेतृत्व में जब तक टीम मौके पर पहुंची आग कार्यालयों के काफी करीब आ चुकी थी। वन विभाग के कर्मचारियों और फायर सर्विस के जवानों की संयुक्त टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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एफएसओ महेश चंद्र ने बताया कि समय रहते आग पर काबू पाकर बड़ा नुकसान होने से बच गया, हालांकि कार्यालयों के पास खड़ा बिजली का पोल आग की चपेट में आ गया। टीम में लीडिंग फायरमैन हीरश कुंवर, गणेश चंद्र, दीपक कुमार, जगदीश सिंह, अनिल आदि थे।
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अमसरकोट और बोरगांव के जंगल धधके
बागेश्वर। अमसरकोट और बोरगांव के जंगल भी वनाग्नि की चपेट में हैं। सोमवार रात से लगी आग से मंगलवार को भी क्षेत्र के जंगल धधकते रहे। ग्रामीणों ने बताया कि वनों की आग आबादी के करीब तक पहुंच रही है। ग्रामीणों को स्वयं आग बुझाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जंगल की आग के कारण जिला मुख्यालय सहित अन्य घाटी वाले क्षेत्रों में धुआं फैला है। ग्रामीणों ने वन विभाग से वनाग्नि को रोकने के लिए ठोस उपाय करने की मांग की है।
वन विभाग ने वनाग्नि पर काबू पाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। सूचना मिलते ही विभागीय कर्मचारियों की टीम रवाना कर दी जाती है। कलक्ट्रेट की पहाड़ी और अमसरकोट के जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके को रवाना कर दी गई थी। - मनीष कुमार, वन क्षेत्राधिकारी, बागेश्वर