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मत्स्य पालन को बनाया रोजगार का जरिया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Nov 2020 06:00 PM IST
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Fisheries made a means of employment
बागेश्वर के थुणाई में प्रवासी दिवाकर नेगी का मछली तालाब। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। लॉकडाउन के बाद घर आए प्रवासी दिवाकर ने वापस में काम पर जाने का विचार त्याग कर घर पर ही रहकर स्वरोजगार करने की ठानी। आज वह सफल मत्स्य पालक के रूप में सामने आ गए हैं। एक ही महीने में डेढ़ लाख रुपये की मछली बेच डाली हैं।
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बागेश्वर ब्लॉक के थुणाई गांव निवासी दिवाकर नेगी फरीदाबाद में टायर रिपेयरिंग का कार्य करते थे। कोविड-19 के कारण वह मार्च में घर लौट आए थेे। उन्होंने वापस नौकरी पर जाने का विचार त्याग कर घर पर ही मत्स्य पालन कर स्वरोजगार की ठानी। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत उन्होंने मत्स्य पालन के लिए आवेदन किया। मत्स्य विभाग ने 80 हजार रुपये का ऋण दिया। दिवाकर ने घर के पास तालाब का निर्माण किया। मई में तालाब में मछली का बीज डाला।
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25 सितंबर से मछलियां बेचना शुरू किया। घर पर ही 300 रुपये किलो के हिसाब से मछलियां बेच रहे हैं। उन्होंने अब तक पांच क्विंटल मछलियां बेच डाली हैं। जिससे उन्हें डेढ़ लाख रुपये की आय हुई है। उन्होंने बताया कि वह बकरी पालन का प्रयास कर रहे हैं। भविष्य मे बकरी पालन को भी स्वरोजगार का जरिया बनाना चाहते हैं। दिवाकर की मेहनत से और युवा भी प्रेरित हुए हैं।
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