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बागेश्वर में 5618 पशुपालकों को मिला सस्ता लोन
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बागेश्वर। राज्य सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना चलाई है। इसके तहत पिछले एक साल में जिले में शून्य प्रतिशत ब्याज पर सहकारिता विभाग से 5618 किसान और पशुपालक 27.38 करोड़ रुपये का लोन ले चुके हैं। इस योजना के तहत एक लाख रुपये तक के लोन पर शून्य प्रतिशत ब्याज लिया जाता है।
किसानों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए राज्य सरकार ने लघु और सीमांत किसानों के लिए नवंबर 2017 में यह योजना शुरू की थी। यह कृषि ऋण योजना है, जिसके तहत शुरुआत में एक लाख रुपये तक लोन लेने पर दो प्रतिशत ब्याज लिया जाता था, लेकिन फरवरी 2019 से इस योजना के तहत एक लाख रुपये तक लोन लेने पर किसानों और पशुपालकों से शून्य प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है।
पिछले एक साल में अल्पकालीन ऋण मद में कृषि के लिए 4807 लोगों ने 21.23 करोड़ रुपये का लोन लिया है। मध्यकालीन ऋण वितरण के तहत दुधारू पशुओं के लिए 620 लोगों ने 4.44 करोड़ और घोड़ा-खच्चर के लिए 191 लोगों ने 1.71 करोड़ रुपये का लोन लिया है। लोन चुकाने के लिए तीन साल का समय मिलता है।
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किसान कल्याण योजना का उद्देश्य
बागेश्वर। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना का उद्देश्य किसानों की खेती, पशुपालन आदि जरूरतों के लिए साहूकारों के माध्यम से वसूले जाने वाली महंगी ब्याज दर वाले लोन की निर्भरता को कम करना है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार, केंद्र सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रही है।
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसके तहत खेती और पशुपालन के लिए एक लाख रुपये तक लोन शून्य ब्याज पर दिया जा रहा है।
- राजेंद्र कुमार, अपर जिला सहकारी अधिकारी बागेश्वर।
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किसानों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए राज्य सरकार ने लघु और सीमांत किसानों के लिए नवंबर 2017 में यह योजना शुरू की थी। यह कृषि ऋण योजना है, जिसके तहत शुरुआत में एक लाख रुपये तक लोन लेने पर दो प्रतिशत ब्याज लिया जाता था, लेकिन फरवरी 2019 से इस योजना के तहत एक लाख रुपये तक लोन लेने पर किसानों और पशुपालकों से शून्य प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है।
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पिछले एक साल में अल्पकालीन ऋण मद में कृषि के लिए 4807 लोगों ने 21.23 करोड़ रुपये का लोन लिया है। मध्यकालीन ऋण वितरण के तहत दुधारू पशुओं के लिए 620 लोगों ने 4.44 करोड़ और घोड़ा-खच्चर के लिए 191 लोगों ने 1.71 करोड़ रुपये का लोन लिया है। लोन चुकाने के लिए तीन साल का समय मिलता है।
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किसान कल्याण योजना का उद्देश्य
बागेश्वर। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना का उद्देश्य किसानों की खेती, पशुपालन आदि जरूरतों के लिए साहूकारों के माध्यम से वसूले जाने वाली महंगी ब्याज दर वाले लोन की निर्भरता को कम करना है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार, केंद्र सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रही है।
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसके तहत खेती और पशुपालन के लिए एक लाख रुपये तक लोन शून्य ब्याज पर दिया जा रहा है।
- राजेंद्र कुमार, अपर जिला सहकारी अधिकारी बागेश्वर।