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Bageshwar News: किर्साण महोत्सव में दिखेंगे लोक कला और संस्कृति के रंग
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द्योनाई में किर्साण महोत्सव की तैयारियों को लेकर बैठक करते लोग। संवाद
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। सातवें किर्साण महोत्सव ‘श्रम का सम्मान’ का आयोजन अमस्यारी के टिटोली मैदान में 17 और 18 दिसंबर को होगा। कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आमंत्रित किया गया है।
किर्साण महोत्सव का आयोजन हितैषी संस्था द्यौनाई करती है। संस्था के अध्यक्ष रतन सिंह किरमोलिया की अध्यक्षता में तैयारी बैठक हुई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य गांव में रहकर खेतीबाड़ी से आजीविका अर्जित करने और पलायन रोकने में सहयोग कर रही मातृ शक्ति का सम्मान करना है। संस्था के सचिव डॉ. किशन सिंह राणा ने बताया कि सांस्कृतिक रैली के साथ महोत्सव का आगाज होगा। विभागों के माध्यम से कृषि यंत्र और उन्नत कृषि बीजों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्थानीय किसान भी अपने उत्पादों के स्टाल लगाएंगे। बैठक में मनोहर सिंह बुटौला, हरीश सिंह, मनोहर सिंह परिहार, सुरेश सिंह किरौला, अर्जुन परिहार, बसंत बल्लभ जोशी आदि मौजूद रहे।
तीन चरणों में होता है कार्यक्रम
पहले चरण में चयनित गांवों में बैठक कर प्रतिभागियों का चयन किया जाता है। दूसरे चरण में प्रतिभागियों के बीच घास काटने की प्रतियोगिता कराई जाती है। यहां चयनित 30 प्रतिभागियों को महोत्सव में भागीदारी का मौका मिलता है। अब प्रतिभागियों से खेती और पशुपालन को लेकर विशेषज्ञ सवाल करेंगे और उनके जवाबों के आधार पर विजेताओं का चयन किया जाएगा। संवाद
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किर्साण महोत्सव का आयोजन हितैषी संस्था द्यौनाई करती है। संस्था के अध्यक्ष रतन सिंह किरमोलिया की अध्यक्षता में तैयारी बैठक हुई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य गांव में रहकर खेतीबाड़ी से आजीविका अर्जित करने और पलायन रोकने में सहयोग कर रही मातृ शक्ति का सम्मान करना है। संस्था के सचिव डॉ. किशन सिंह राणा ने बताया कि सांस्कृतिक रैली के साथ महोत्सव का आगाज होगा। विभागों के माध्यम से कृषि यंत्र और उन्नत कृषि बीजों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्थानीय किसान भी अपने उत्पादों के स्टाल लगाएंगे। बैठक में मनोहर सिंह बुटौला, हरीश सिंह, मनोहर सिंह परिहार, सुरेश सिंह किरौला, अर्जुन परिहार, बसंत बल्लभ जोशी आदि मौजूद रहे।
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तीन चरणों में होता है कार्यक्रम
पहले चरण में चयनित गांवों में बैठक कर प्रतिभागियों का चयन किया जाता है। दूसरे चरण में प्रतिभागियों के बीच घास काटने की प्रतियोगिता कराई जाती है। यहां चयनित 30 प्रतिभागियों को महोत्सव में भागीदारी का मौका मिलता है। अब प्रतिभागियों से खेती और पशुपालन को लेकर विशेषज्ञ सवाल करेंगे और उनके जवाबों के आधार पर विजेताओं का चयन किया जाएगा। संवाद
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