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सूरजकुंड में अवैध दोहन से करोड़ों की पेयजल योजना को खतरा
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sun, 07 Oct 2018 10:57 PM IST
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सूरजकुंड में खनन से खतरे की जद में पेयजल योजना का टेंक।
- फोटो : अमर उजाला
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लंबे समय से अवैध दोहन में जुटे नेपाली मजदूरों ने सरयू नदी के किनारे खोद दिए हैं। सूरजकुंड के पास नदी तट पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे नदी के किनारों की ओर कटाव का खतरा बढ़ गया है। जल संस्थान की करोड़ों की पेयजल योजना पर भी खतरा मंडरा रहा है।
बागेश्वर में सरयू और गोमती से उपखनिज का अवैध दोहन आम बात हो गई है। रोजाना दर्जनों नेेपाली मजदूर नदियों से अवैध दोहन में जुटे रहते हैं। इनमें महिला मजदूरों की तादाद ज्यादा है। अवैध दोहन के दौरान नदी में बहने से मजदूरों की मौत तक हो चुकी है बावजूद इसके मजदूर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
पुलिस भी अबतक अवैध दोहन के संचालकों पर लगाम नहीं कस पाई है। दरअसल निर्माण से जुड़े कुछ स्थानीय तत्व ही नेपाली मजदूरों के जरिये अवैध दोहन कराते हैं। इसके बाद रेत को बाजार में बेचा जाता है।
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इधर, अवैध दोहन के बीच इन मजदूरों ने सूरजकुंड के पास तट बुरी तरह खोद दिया है। नदी तट पर बड़े-बड़े गहरे गड्ढे हो गए हैं। जलस्तर बढ़ने पर पानी किनारों की ओर कटाव कर सकता है। जल संस्थान की करोड़ों लागत की नगर पेयजल योजना पर भी खतरा बना है।
तट पर बने प्लांट के पास अवैध दोहन से निर्माण को भी नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन पुलिस प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। एसपी मुकेश कुमार का कहना है कि मातहतों को अवैध दोहन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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बागेश्वर में सरयू और गोमती से उपखनिज का अवैध दोहन आम बात हो गई है। रोजाना दर्जनों नेेपाली मजदूर नदियों से अवैध दोहन में जुटे रहते हैं। इनमें महिला मजदूरों की तादाद ज्यादा है। अवैध दोहन के दौरान नदी में बहने से मजदूरों की मौत तक हो चुकी है बावजूद इसके मजदूर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
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पुलिस भी अबतक अवैध दोहन के संचालकों पर लगाम नहीं कस पाई है। दरअसल निर्माण से जुड़े कुछ स्थानीय तत्व ही नेपाली मजदूरों के जरिये अवैध दोहन कराते हैं। इसके बाद रेत को बाजार में बेचा जाता है।
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इधर, अवैध दोहन के बीच इन मजदूरों ने सूरजकुंड के पास तट बुरी तरह खोद दिया है। नदी तट पर बड़े-बड़े गहरे गड्ढे हो गए हैं। जलस्तर बढ़ने पर पानी किनारों की ओर कटाव कर सकता है। जल संस्थान की करोड़ों लागत की नगर पेयजल योजना पर भी खतरा बना है।
तट पर बने प्लांट के पास अवैध दोहन से निर्माण को भी नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन पुलिस प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। एसपी मुकेश कुमार का कहना है कि मातहतों को अवैध दोहन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।