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#LadengeCoronaSe : एक साल से घर-परिवार से दूर कोविड मरीजों की सेवा कर रहे डॉ. नसीम
Fri, 30 Apr 2021 04:53 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 30 Apr 2021 04:53 AM IST
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dr naseem
- फोटो : amar ujala
कोरोना काल में अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बगैर देवदूतों की भांति लोगों की सेवा में लगे हैं। ऐसे ही कर्मचारियों में शामिल हैं जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नसीम अहमद जो एक साल से अपने घर, परिवार और बच्चों से मीलों दूर रहकर कोविड मरीजों का उपचार कर रहे हैं। वह अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों का हौसला बढ़ाते हैं। स्वयं को सुरक्षित रखकर मरीजों की सलामती के लिए दिन-रात सेवा में जुटे हैं।
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जिले में कोरोना संक्रमण की शुरूआत पिछले वर्ष मई महीने में हुई। हालांकि इससे पूर्व ही बाहर से आने वालों की जांच होने लगी थी। तब से डॉ. अहमद कोविड ड्यूटी दे रहे हैं। कोविड अस्पताल बनने के बाद से वह लगातार कोविड मरीजों की देखरेख कर रहे हैं। इसके अलावा उन्हें आईसीयू की देखरेख का अतिरिक्त कार्य भी करना पड़ता है।
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मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी डॉ. नसीम कहते हैं कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। ऐसे में घर और परिवार से अधिक जिम्मेदारी कोरोना संक्रमितों को ठीक करना है। लोगों को इस महामारी से बचाना प्राथमिकता है जिसके लिए दिन-रात भी काम करना पड़ता है। महामारी ने चुनौतियां बढ़ाई हैं तो उनका डटकर मुकाबला करने की हिम्मत भी दी है। जिस काम को चुना है उसे करने में कोई दिक्कत नहीं है। डर सबको महसूस होता है लेकिन इसे दरकिनार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक को सबसे अधिक खुशी मरीज के चेहरे पर मुस्कान देखकर मिलती है। जब कोविड अस्पताल से मरीज ठीक होकर घर को जाता है, उस पल अपने कार्य पर गर्व महसूस होता है।
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कोरोना से घबराएं नहीं
बागेश्वर। डॉ. नसीम का कहना है कि कोरोना महामारी के नाम से घबराने की जरूरत नहीं है। लक्षण दिखने पर समय रहते जांच करने से बीमारी जल्द ठीक हो जाती है। लापरवाही के चलते मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। महामारी को मात देने वालों की संख्या अधिक है। ठीक हो चुके लोगों से प्रेरणा लेकर, सकारात्मक सोच अपनाकर कोरोना से जंग जीतने में आसानी होगी।