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जिला स्तरीय विज्ञान महोत्सव शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sat, 08 Oct 2016 11:31 PM IST
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बागेश्वर। राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की ओर से यहां जिला स्तरीय विज्ञान महोत्सव शुरू हो गया है। महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि छात्र छात्राओं में वैज्ञानिक सोच पैदा करने की जरूरत है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण एक मनोवृत्ति है जो व्यक्ति को बुद्धिमतापूर्ण तर्कों के आधार पर विवेकपूर्ण की निर्णय लेने में मदद करती है।
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मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय सभागार में सीजेएम सिंह ने वैैैज्ञानिक दृष्टिकोण का सीधा अर्थ किसी भी बात को बिना सवाल उठाए स्वीकार न करना। वक्ताओं ने कहा कि आज हम विरोधाभासों के युग में जी रहे हैं। एक ओर ब्रह्मांड की संरचना और प्रकृति को गहराई से समझने के लिए हम पहले प्रयास मे मंगलयान को मंगल ग्रह में भेजने में सफल हुए हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग जब चांद की छाया पृथ्वी पर पड़ती है तो खुले में जाने से डरते हैं। काली बिल्ली द्वारा रास्ता काटा जाना अपशकुन माना जाता है लेकिन इसकी कोई तर्कसंगत व्याख्या नहीं है।
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केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोणों का अभाव ही लोगों को ऐसे आधारहीन मान्यताओं पर सवाल उठाने से रोकता है। अभी भी लड़की के जन्म पर माता को प्रताड़ित किया जाता है जबकि तथ्य यह है कि बच्चे के लिंग निर्धारण के लिए पिता जिम्मेदार है। प्रतियोगिता आयोजक रमसा के जिला संदर्भ व्यक्ति हेम चंद्र जोशी ने विज्ञान महोत्सव की गतिविधियों के बारे में बताया।
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संयोजक जीआईसी के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार तेवाड़ी ने अतिथियों का स्वागत, आभार जताया। संचालन जिला विज्ञान समन्वयक जीआईसी के प्रवक्ता दीप चंद्र जोशी ने किया। वहां मोहन सिंह धामी, प्रदीप कुमार जोशी, विनोद मिश्र, चंद्रप्रकाश मिश्रा, लक्ष्मी टाकुली, ईश्वर परिहार, लक्ष्मण रौतेला आदि थे।