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अवैध कटान और सूखते जलस्रोतों को बचाने के लिए कोटगाड़ी देवी को चढ़ाया देवलचौरा का जंगल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 12:10 AM IST
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Devalchaura forest offered to Kotgadi Devi to save water sources
बागेश्वर। देवलचौरा के लोगों ने जंगल में हो रहे अवैध कटान और सूखते जलस्रोतों को बचाने के लिए देवलचौरा का जंगल पांच साल के लिए न्याय की देवी कोटगाड़ी (कोकिला) को चढ़ा दिया है। उक्त अवधि में कोई भी व्यक्ति जंगल से वन संपदा का दोहन नहीं करेगा।
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विगत दिनों देवलचौरा में ग्राम प्रधान भागीरथी मेहता और वन पंचायत सरपंच वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में जंगल में हो रहे अवैध कटान और जल स्रोतों के सूखने पर गहरी चिंता प्रकट की गई। कहा कि जलस्रोत सूखने से ग्राम पंचायत में पानी की कमी होने लगी है। जंगल में अवैध कटान पर रोक नहीं लगी तो पेयजल स्रोत सूखने के साथ ही भूस्खलन का खतरा बढ़ेगा। ग्राम पंचायत के लोगों ने तय किया कि जंगल को पांच वर्ष के लिए न्याय की देवी कोटगाड़ी को चढ़ा दिया जाए।
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बुधवार को वन पंचायत सरपंच के साथ ही भगत सिंह गढ़िया, प्रमोद मेहता, भवान सिंह, पान सिंह, रमेश धामी पिथौरागढ़ जिले के पांखू स्थित कोटगाड़ी के मंदिर गए। इन लोगों ने जंगल को पांच साल के लिए देवी को चढ़ाने का पत्र मंदिर में टांगा। मंदिर ने ध्वजा लाकर जंगल में कई स्थानों में बांध दिया है। कोटगाड़ी को न्याय की देवी माना जाता है। देवी की इलाके ही नहीं कुमाऊंभर में ख्याति है।
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