{"_id":"65d63b9d65af6cd470027d54","slug":"demonstration-of-covid-workers-on-demand-of-departmental-adjustment-bageshwar-news-c-231-1-shld1004-104489-2024-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: विभागीय समायोजन की मांग पर कोविड कर्मियों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: विभागीय समायोजन की मांग पर कोविड कर्मियों का प्रदर्शन
Wed, 21 Feb 2024 11:36 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 21 Feb 2024 11:36 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर के सीएमओ कार्यालय में प्रदर्शन करते कोविड उपनल कर्मचारी। संवाद
विज्ञापन
बागेश्वर। कोविड उपनल कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग में समायोजन की मांग के लिए सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पिछले साल मार्च में सेवा समाप्त किए जाने के बाद से बेरोजगारी की मार झेल रहे कर्मचारियों ने विभाग से सुरक्षित भविष्य की मांग की।
कोविड काल में स्वास्थ्य विभाग ने उपनल के माध्यम से फार्मासिस्ट, ऑक्सीजन तकनीशियन, लैब तकनीशियन, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय, वार्ड आया, पर्यारवण मित्र और धोबी के पद पर उपनल के माध्यम से कर्मचारी तैनात किए थे। कोविड काल बीतने के बाद कुछ कर्मचारियों को विभाग में समयोजित कर दिया जबकि प्रदेश के करीब 700 कर्मचारियों की सेवा पिछले साल 15 मार्च को समाप्त कर दी गई। इनमें जिले के करीब 60 उपनल कर्मी भी शमिल हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने कुछ लोगों को समायोजित किया, कई लोगों को बेरोजगार कर दिया है। इस भेदभाव से कई लोगों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने सीएमओ को ज्ञापन देकर विभागीय समायोजन के साथ-साथ एक साल की प्रोत्साहन राशि और हटाने से पहले के एक महीने का भुगतान भी करने की मांग की है। वहां पर दीपक कनौजिया, बलवंत सिंह, हरीश गिरी, केवलानंद, आनंद प्रसाद, रीता देवी, जगदीश आदि मौजूद रहे। संवाद
कोविड काल में स्वास्थ्य विभाग ने उपनल के माध्यम से फार्मासिस्ट, ऑक्सीजन तकनीशियन, लैब तकनीशियन, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय, वार्ड आया, पर्यारवण मित्र और धोबी के पद पर उपनल के माध्यम से कर्मचारी तैनात किए थे। कोविड काल बीतने के बाद कुछ कर्मचारियों को विभाग में समयोजित कर दिया जबकि प्रदेश के करीब 700 कर्मचारियों की सेवा पिछले साल 15 मार्च को समाप्त कर दी गई। इनमें जिले के करीब 60 उपनल कर्मी भी शमिल हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने कुछ लोगों को समायोजित किया, कई लोगों को बेरोजगार कर दिया है। इस भेदभाव से कई लोगों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने सीएमओ को ज्ञापन देकर विभागीय समायोजन के साथ-साथ एक साल की प्रोत्साहन राशि और हटाने से पहले के एक महीने का भुगतान भी करने की मांग की है। वहां पर दीपक कनौजिया, बलवंत सिंह, हरीश गिरी, केवलानंद, आनंद प्रसाद, रीता देवी, जगदीश आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन