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Bageshwar News: रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
Sun, 16 Apr 2023 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 16 Apr 2023 10:54 PM IST
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बागेश्वर। टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले एकत्र लोगों ने रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में तहसील परिसर में एकत्र लोगों ने रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी की। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी ने कहा कि रेल लाइन निर्माण को लेकर दशकों से गुमराह करने का काम किया जा रहा है। बार-बार घोषणा और सर्वे के बाद भी रेल लाइन निर्माण के लिए बजट अवमुक्त नहीं किया जा रहा है। कहा कि अंग्रेजों के समय में रेल परियोजना प्रस्तावित हो गई थी। अब तक छह बार रेल लाइन का सर्वे किया जा चुका है, लेकिन रेल लाइन का निर्माण नहीं किया जा रहा है।
आंदोलनकारी केशवानंद जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष गीता रावल, इंदिरा जोशी, लक्ष्मी धर्मशक्तू ने कहा कि टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को वर्ष 2013 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया था। सामरिक महत्व की रेल लाइन का लाभ न केवल बागेश्वर जिले बल्कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत जिले के नदी-घाटी से सटे इलाकों को मिलेगा। यातायात सुगम होने के साथ ही किसानों के उत्पादों को आसानी से बाजार लाया जा सकेगा। सरकार और चुने हुए जनप्रतिनिधियों को इस विषय में गंभीरता से सोचना चाहिए। प्रदर्शन में प्रताप सिंह गढि़या, सरस्वती गैलाकोटी, हेमलता, अनीषा, मनीषा, तनुजा, भावना, परुली देवी, देवकी देवी, कवींद्र सिंह दानू, रोशन कुमार, अनुज कुमार, बसंत पांडा आदि शामिल थे।
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संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में तहसील परिसर में एकत्र लोगों ने रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी की। संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी ने कहा कि रेल लाइन निर्माण को लेकर दशकों से गुमराह करने का काम किया जा रहा है। बार-बार घोषणा और सर्वे के बाद भी रेल लाइन निर्माण के लिए बजट अवमुक्त नहीं किया जा रहा है। कहा कि अंग्रेजों के समय में रेल परियोजना प्रस्तावित हो गई थी। अब तक छह बार रेल लाइन का सर्वे किया जा चुका है, लेकिन रेल लाइन का निर्माण नहीं किया जा रहा है।
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आंदोलनकारी केशवानंद जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष गीता रावल, इंदिरा जोशी, लक्ष्मी धर्मशक्तू ने कहा कि टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को वर्ष 2013 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया था। सामरिक महत्व की रेल लाइन का लाभ न केवल बागेश्वर जिले बल्कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत जिले के नदी-घाटी से सटे इलाकों को मिलेगा। यातायात सुगम होने के साथ ही किसानों के उत्पादों को आसानी से बाजार लाया जा सकेगा। सरकार और चुने हुए जनप्रतिनिधियों को इस विषय में गंभीरता से सोचना चाहिए। प्रदर्शन में प्रताप सिंह गढि़या, सरस्वती गैलाकोटी, हेमलता, अनीषा, मनीषा, तनुजा, भावना, परुली देवी, देवकी देवी, कवींद्र सिंह दानू, रोशन कुमार, अनुज कुमार, बसंत पांडा आदि शामिल थे।
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