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सड़क और पानी को लेकर लस्करखेत के लोगों ने कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
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बागेश्वर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते लस्करखेत के ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। लस्करखेत के ग्रामीण जनसमस्याएं सुलझाने के लिए मुखर हो गए हैं। ग्रामीणों ने सड़क का निर्माण कर क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की मरम्मत के लिए डीएम कार्यालय में प्रदर्शन किया। क्षेत्र के लोगों ने सड़क के निर्माण के साथ ही पेयजल योजना की मरम्मत न होने पर मुख्य सड़क में चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार राठी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुुंचे लोगों ने सड़क और पेयजल दिलाने के लिए कलक्ट्रेट में नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद उन्होंने डीएम अनुराधा पाल को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने छुआ बैंड से जीआईसी मैगड़ीस्टेट तक 4.5 किमी सड़क बनाने की घोषणा की थी लेेकिन सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका।
क्षेत्र के लोगोें को सड़क न होनेे के कारण काफी दिक्कतों का सामना करता पड़ता है। ग्रामीणों को रसोई गैस रीफिलिंग समेत अन्य कार्यों के लिए मुख्य सड़क तक आने में साढ़े चार किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। असहाय, बुजुर्ग, बीमार लोगों को सड़क तक लाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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बताया कि पहले क्षेत्र में नेपाली गधेरे से जलापूर्ति होती थी। योजना की पाइप लाइन ग्वालदम सड़क के चौड़ीकरण के काम से क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम पंचायत में पेयजल किल्लत हो गई है। ग्राम पंचायत के काफी कम इलाकों में पानी की नाममात्र की आपूर्ति हो रही है, वह भी दूषित है। प्रदर्शन में बहादुर राम, दुर्गा राम, कुंती देवी, बचेे सिंह, खड़क सिंह, सोबन सिंह, सुंदर सिंह आदि थे।
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ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार राठी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुुंचे लोगों ने सड़क और पेयजल दिलाने के लिए कलक्ट्रेट में नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद उन्होंने डीएम अनुराधा पाल को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने छुआ बैंड से जीआईसी मैगड़ीस्टेट तक 4.5 किमी सड़क बनाने की घोषणा की थी लेेकिन सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका।
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क्षेत्र के लोगोें को सड़क न होनेे के कारण काफी दिक्कतों का सामना करता पड़ता है। ग्रामीणों को रसोई गैस रीफिलिंग समेत अन्य कार्यों के लिए मुख्य सड़क तक आने में साढ़े चार किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। असहाय, बुजुर्ग, बीमार लोगों को सड़क तक लाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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बताया कि पहले क्षेत्र में नेपाली गधेरे से जलापूर्ति होती थी। योजना की पाइप लाइन ग्वालदम सड़क के चौड़ीकरण के काम से क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्राम पंचायत में पेयजल किल्लत हो गई है। ग्राम पंचायत के काफी कम इलाकों में पानी की नाममात्र की आपूर्ति हो रही है, वह भी दूषित है। प्रदर्शन में बहादुर राम, दुर्गा राम, कुंती देवी, बचेे सिंह, खड़क सिंह, सोबन सिंह, सुंदर सिंह आदि थे।