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शिक्षित बेरोजगारों के लिए कानून बनाने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Mon, 08 Jan 2018 10:47 PM IST
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कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते छात्र नेता।
- फोटो : amar ujala
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छात्रों के संगठन इंकलाब-ए-उत्तराखंड ने सोमवार को राज्य में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद संगठन की ओर से शिक्षित बेरोजगारों के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया।
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कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या बढ़ती जा रही है। नौकरी नहीं मिलने से राज्य में 10 लाख से अधिक बेरोजगार सड़कों पर घूम रहे हैं। राज्य बनने के 17 साल बीतने के बाद भी बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।
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भविष्य को लेकर चिंतित शिक्षित बेरोजगार राज्य से पलायन करने को मजबूर हैं। छात्र नेताओं ने हर बेरोजगार को उसकी शिक्षा, अनुभव और कौशल के आधार पर रोजगार देने के लिए कानूनी जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई। प्रदर्शन करने वालों में अंकुर उपाध्याय, कौशल उपाध्याय, गोविंद चंदोला, रोहित पंत, कुलदीप मेहता, रोशन गढ़िया, ललित गिरी गोस्वामी, कैलाश आर्या, भुवन जोशी, शशांक कांडपाल, मनीष कुमार, धीरज उपाध्याय, उपेंद्र मेहता, विनोद धपोला, बबलू मेहरा आदि शामिल थे।
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