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दीपक ने कायम रखी खानदान की विरासत
अमर उजाला/ब्यूरो/ बागेश्वर।
Updated Fri, 19 Jun 2015 12:22 AM IST
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देहरादून में पासिंगआउट में बंगाल इंजीनियर में लेफ्टिनेंट बने नगर पंचायत कपकोट के ऐठान निवासी दीपक ऐठानी को सेना की सेवा करने का मौका मानो विरासत में मिला है।
चार महीने पहले उनके बड़े भाई राजेश फ्लाइंग आफिसर बने हैं। दीपक के दादा पूर्व सैनिक हैं, तो पिता सेवानिवृत ऑनरेरी लेफ्टिनेंट हैं।
वर्ष 2007 में हाईस्कूल और 2009 में इंटर प्रथम श्रेणी में किया। वर्ष 2004 में उन्होंने बी टेक किया। इसके बाद उनका चयन आईएमए देहरादून के लिए हो गया। एक साल की ट्रेनिंग के बाद चार दिन पहले लेफ्टिनेंट पद के लिए पासिंग आउट हुई है।
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राजेश और दीपक ने अपनी उपलब्धि का श्रेय मां ठाकुरेर जय शिशु लीला आश्रम कपकोट के ब्रह्मलीन बिग अंकल देवाशीष महाराज, लिटिल अंकल तारक पात्र महराज समेत अपने दादा प्रेम सिंह ऐठानी और माता-पिता को दिया।
उन्होंने कहा अंकल का आशीर्वाद और दादा की मेहनत से ही आज वे यहां तक पहुंचे हैं। अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करेंगे।
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चार महीने पहले उनके बड़े भाई राजेश फ्लाइंग आफिसर बने हैं। दीपक के दादा पूर्व सैनिक हैं, तो पिता सेवानिवृत ऑनरेरी लेफ्टिनेंट हैं।
दीपक ने प्राथमिक शिक्षा मां ठाकुरेर जय शिशु लीला कपकोट से वर्ष 2002 में पूरी की। उसके बाद सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में कक्षा छह में चयन हो गया।
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वर्ष 2007 में हाईस्कूल और 2009 में इंटर प्रथम श्रेणी में किया। वर्ष 2004 में उन्होंने बी टेक किया। इसके बाद उनका चयन आईएमए देहरादून के लिए हो गया। एक साल की ट्रेनिंग के बाद चार दिन पहले लेफ्टिनेंट पद के लिए पासिंग आउट हुई है।
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राजेश और दीपक ने अपनी उपलब्धि का श्रेय मां ठाकुरेर जय शिशु लीला आश्रम कपकोट के ब्रह्मलीन बिग अंकल देवाशीष महाराज, लिटिल अंकल तारक पात्र महराज समेत अपने दादा प्रेम सिंह ऐठानी और माता-पिता को दिया।
उन्होंने कहा अंकल का आशीर्वाद और दादा की मेहनत से ही आज वे यहां तक पहुंचे हैं। अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करेंगे।