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Bageshwar News: भूपाल ने ठगी की, जान परिवार को देनी पड़ गई
Sun, 19 Mar 2023 09:23 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 19 Mar 2023 09:23 PM IST
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बागेश्वर। पत्नी और तीन बच्चों की मौत के बाद सुर्खियों में आए भूपाल राम की करतूत की परतें खुलती जा रही हैं। भूपाल राम की ठगी के शिकार कई लोग हुए हैं।
सामने आया है कि भूपाल राम के खिलाफ बागेश्वर कोतवाली में करीब डेढ़ साल पहले कपकोट के तिलाड़ी गांव निवासी नीमा देवी ने सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर चार लाख रुपये की ठगी करने का कथित आरोप लगाए हुए तहरीर सौंपी थी। कुछ समय बाद तहरीर देने वाली महिला और भूपाल राम के बीच आपसी समझौता हो गया। समझौते के तहत एक वाहन भूपाल राम ने शिकायतकर्ता महिला को दिया। शेष रकम बाद में देने की बात तय हुई। भूपाल राम ने उक्त महिला को शेष रकम नहीं लौटाई। दिया गया वाहन भी किसी अन्य के नाम निकला।
इस पर महिला एक बार फिर पुलिस के पास पहुंची। इस पर बीते 10 मार्च को भूपाल राम के खिलाफ बागेश्वर कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। भूपाल राम की पत्नी और तीन बच्चों की मौत के बाद सामने आए सुसाइड नोट के आधार पर धोखाधड़ी की शिकायत करने वाली महिला और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा 306 में रिपोर्ट दर्ज की है। एसपी हिमांशु कुमार वर्मा के निर्देश पर बागेश्वर के सीओ अंकित कंडारी के निर्देशन में कपकोट के थानाध्यक्ष कैलाश सिंह बिष्ट मामले की जांच कर रहे हैं।
भूपाल का कारनामों से बर्बाद हो गया हसंता-खेलता परिवार
बागेश्वर। भूपाल के कारनामों से हसंता-खेलता एक परिवार बर्बाद हो गया। बदनामी, लेनदारों की कचकच, पेट की आग ने मां और तीन बच्चों को जान देने पर विवश कर दिया। सुसाइड नोट में घर में खाने-पीने का सामान न होने का भी उल्लेख है। जाहिर सी बात है कि लेनदार कर्ज की अदायगी चाहेंगे ही लेकिन घर के मुखिया की हरकत उसके परिवार को इस कदर बर्बादी की राह पर ला खड़ा करेगी, यह किसी ने सोचा नहीं होगा। यहां तक कि लेनदारों ने भी नहीं। जो भी हो घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
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एक मार्च से घर नहीं आया था भूपाल
बागेश्वर। एसपी के अनुसार सुसाइड नोट में भूपाल राम के एक मार्च से घर न आने की बात लिखी गई है। वहीं जोशीगांव क्षेत्र में काम करने वाले प्लंबर ने छलड़ी के दिन यानी आठ मार्च को भूपाल राम को घर के आसपास देखने की बात पुलिस को बताई थी। अंदेशा है कि महिला और बच्चों ने आत्मघाती कदम होली से पहले उठा लिया था। शवों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी मौत एक सप्ताह से पूर्व होने की आशंका जताई थी।
धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला और भूपाल राम के बीच करीब छह माह पहले समझौता भी हुआ था। लेनदार पैसे मांगने परिवार के पास गए थे या प्रताड़ित किया था। यह विवेचना का हिस्सा है। कानूनी दायरे में कोई अपराध बनता है तो उसके अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - हिमांशु कुमार वर्मा एसपी बागेश्वर।
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सामने आया है कि भूपाल राम के खिलाफ बागेश्वर कोतवाली में करीब डेढ़ साल पहले कपकोट के तिलाड़ी गांव निवासी नीमा देवी ने सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर चार लाख रुपये की ठगी करने का कथित आरोप लगाए हुए तहरीर सौंपी थी। कुछ समय बाद तहरीर देने वाली महिला और भूपाल राम के बीच आपसी समझौता हो गया। समझौते के तहत एक वाहन भूपाल राम ने शिकायतकर्ता महिला को दिया। शेष रकम बाद में देने की बात तय हुई। भूपाल राम ने उक्त महिला को शेष रकम नहीं लौटाई। दिया गया वाहन भी किसी अन्य के नाम निकला।
इस पर महिला एक बार फिर पुलिस के पास पहुंची। इस पर बीते 10 मार्च को भूपाल राम के खिलाफ बागेश्वर कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। भूपाल राम की पत्नी और तीन बच्चों की मौत के बाद सामने आए सुसाइड नोट के आधार पर धोखाधड़ी की शिकायत करने वाली महिला और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा 306 में रिपोर्ट दर्ज की है। एसपी हिमांशु कुमार वर्मा के निर्देश पर बागेश्वर के सीओ अंकित कंडारी के निर्देशन में कपकोट के थानाध्यक्ष कैलाश सिंह बिष्ट मामले की जांच कर रहे हैं।
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भूपाल का कारनामों से बर्बाद हो गया हसंता-खेलता परिवार
बागेश्वर। भूपाल के कारनामों से हसंता-खेलता एक परिवार बर्बाद हो गया। बदनामी, लेनदारों की कचकच, पेट की आग ने मां और तीन बच्चों को जान देने पर विवश कर दिया। सुसाइड नोट में घर में खाने-पीने का सामान न होने का भी उल्लेख है। जाहिर सी बात है कि लेनदार कर्ज की अदायगी चाहेंगे ही लेकिन घर के मुखिया की हरकत उसके परिवार को इस कदर बर्बादी की राह पर ला खड़ा करेगी, यह किसी ने सोचा नहीं होगा। यहां तक कि लेनदारों ने भी नहीं। जो भी हो घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
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एक मार्च से घर नहीं आया था भूपाल
बागेश्वर। एसपी के अनुसार सुसाइड नोट में भूपाल राम के एक मार्च से घर न आने की बात लिखी गई है। वहीं जोशीगांव क्षेत्र में काम करने वाले प्लंबर ने छलड़ी के दिन यानी आठ मार्च को भूपाल राम को घर के आसपास देखने की बात पुलिस को बताई थी। अंदेशा है कि महिला और बच्चों ने आत्मघाती कदम होली से पहले उठा लिया था। शवों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी मौत एक सप्ताह से पूर्व होने की आशंका जताई थी।
धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला और भूपाल राम के बीच करीब छह माह पहले समझौता भी हुआ था। लेनदार पैसे मांगने परिवार के पास गए थे या प्रताड़ित किया था। यह विवेचना का हिस्सा है। कानूनी दायरे में कोई अपराध बनता है तो उसके अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - हिमांशु कुमार वर्मा एसपी बागेश्वर।