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दास ने किया स्थानीय विकास प्राधिकरण का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Wed, 31 May 2017 10:33 PM IST
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नगर में स्थानीय विकास प्राधिकरण लागू करने की सूचना मिलते ही लोगों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर पहुंच गया है। नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल ने सोमवार को इसका विरोध किया। विधायक चंदन राम दास ने प्राधिकरण को विकास विरोधी बताते हुए कहा कि मामले को विधानसभा में उठाकर इसे निरस्त कराने की मांग करेंगे। विधायक दास ने बताया कि कांग्रेस की पिछली सरकार ने गत 21 दिसंबर को नगर को स्थानीय विकास प्राधिकरण क्षेत्र घोषित कर दिया, जबकि राज्य में 25 दिसंबर को विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू हुई।
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अधिसूचना शासन के उप सचिव सुरेंद्र सिंह रावत के हस्ताक्षरों से जारी हुई है। कहा कि तत्कालीन सरकार ने अधिसूचना जारी करने का यह समय इसलिए चुना ताकि लोग चुनाव आचार संहिता के कारण प्राधिकरण का विरोध ही न कर सकें। कहा कि पहले से ही नदियों से 200 मीटर की दूरी पर विकास कार्य कराने पर रोक लगी हुई है, जिससे कई विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। अब स्थानीय विकास कार्य प्राधिकरण लागू होने से लोगों के गृह निर्माण से लेकर सरकारी और गैर सरकारी विकास योजनाएं प्रभावित होंगी। दोगुना, तिगुना निर्माण शुल्क लगने से लोगों की परेशानी भी बढ़ जाएगी।
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कहा कि वह पिछली सरकार के इस जनविरोधी निर्णय का पुरजोर विरोध करते हैं और मामले को विधानसभा की बैठक में उठाकर निरस्तीकरण की मांग करेंगे। उधर प्राधिकरण के जेई ओंकार त्यागी ने शासन से नगर के स्थानीय विकास प्राधिकरण घोषित होने का पत्र मिलने की पुष्टि की है। बताया कि प्राधिकरण के तहत एसडीएम की अध्यक्षता में भवन समिति गठित हो गई है। भवन निर्माण शुल्क के लिए तीन श्रेणी बनी हैं। इसके लिए आबादी वाले क्षेत्र में भवन बनाने के लिए लाभार्थी को 35 रुपये प्रति मीटर, मध्यम क्षेत्र में निर्माण के लिए 55 रुपये, जबकि खुले क्षेत्र में भवन और अन्य निर्माण के लिए प्राधिकरण को 75 रुपये शुल्क देना होगा।
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प्रस्तावित कार्य का नक्शा पास करने के अलावा अन्य औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी। भवन समिति आवेदनों को अनुमोदित करके जिलाधिकारी को भेजेगी। डीएम के निर्देश पर उनके सचिव एडीएम लाभार्थी को स्वीकृति पत्र जारी करेंगे। बताया कि प्राधिकरण की अब तक दो बैठकें भी हो चुकी हैं।