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बारिश से रबी की फसल को जबरदस्त नुकसान
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बागेश्वर के पुंगर घाटी में गेहूं की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। बृहस्पतिवार के दिन और रात को हुई बारिश से रबी की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। बीते 24 घंटे में कपकोट तहसील में 42.50 मिमी, गरुड़ में 30 मिमी, बागेश्वर तहसील में 12.50 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। इससे पहले जिले में ओलावृष्टि की मार पड़ी थी। ओलावृष्टि से जिले में 469.10 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा था। कृषि विभाग बृहस्पतिवार की बारिश से हुए नुकसान का आकलन करा रहा है।
जिले में करीब 2400 हेक्टेयर में रबी की फसल होती है। जिले के 47522 किसान रबी की फसल बोते हैं। ठीक फसल पकने के समय ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों ने फसल काट रखी है, जो खेतों में ही भीग गई है। पकने को तैयार फसल खेतों में ही खराब हो गई है। ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं, जौ के साथ ही मसूर की खेती को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार रात की बारिश से सहमे लोग
बागेश्वर। बृहस्पतिवार रात को जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। इस कारण सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ गया था। नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए बृहस्पतिवार रात पुलिस ने लाउडस्पीकर से एनाउंस कर लोगों से नदियों के किनारे आवागमन न करने की अपील की।
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पहले भी होती रही है 30 अप्रैल को बारिश
जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अन्य वर्षों में भी 30 अप्रैल को जिले में बारिश होती रही है। पिछले साल 30 अप्रैल को पूरे जिले में 85 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वर्ष 2019 में 30 अप्रैल को बारिश नहीं हुई। वर्ष 2018 में जिले में 55 मिमी, वर्ष 2017 में पांच मिमी बारिश हुई। वर्ष 2015 और 16 में जिले में 30 अप्रैल को बारिश नहीं हुई।
पूर्व में ओलावृष्टि से जिले में 469.10 हेक्टेयर में फसलों को नुकसान पहुंचा था। यह 33 प्रतिशत से कम है। भारत सरकार के मानकों के अनुसार 33 फीसदी से अधिक नुकसान पर मुआवजा दिया जाता है। बृहस्पतिवार को हुई बारिश से खेती को पहुंचे नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
- विजय प्रकाश मौर्य, मुख्य कृषि अधिकारी बागेश्वर।
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जिले में करीब 2400 हेक्टेयर में रबी की फसल होती है। जिले के 47522 किसान रबी की फसल बोते हैं। ठीक फसल पकने के समय ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों ने फसल काट रखी है, जो खेतों में ही भीग गई है। पकने को तैयार फसल खेतों में ही खराब हो गई है। ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं, जौ के साथ ही मसूर की खेती को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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बृहस्पतिवार रात की बारिश से सहमे लोग
बागेश्वर। बृहस्पतिवार रात को जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। इस कारण सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ गया था। नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए बृहस्पतिवार रात पुलिस ने लाउडस्पीकर से एनाउंस कर लोगों से नदियों के किनारे आवागमन न करने की अपील की।
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पहले भी होती रही है 30 अप्रैल को बारिश
जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अन्य वर्षों में भी 30 अप्रैल को जिले में बारिश होती रही है। पिछले साल 30 अप्रैल को पूरे जिले में 85 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वर्ष 2019 में 30 अप्रैल को बारिश नहीं हुई। वर्ष 2018 में जिले में 55 मिमी, वर्ष 2017 में पांच मिमी बारिश हुई। वर्ष 2015 और 16 में जिले में 30 अप्रैल को बारिश नहीं हुई।
पूर्व में ओलावृष्टि से जिले में 469.10 हेक्टेयर में फसलों को नुकसान पहुंचा था। यह 33 प्रतिशत से कम है। भारत सरकार के मानकों के अनुसार 33 फीसदी से अधिक नुकसान पर मुआवजा दिया जाता है। बृहस्पतिवार को हुई बारिश से खेती को पहुंचे नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
- विजय प्रकाश मौर्य, मुख्य कृषि अधिकारी बागेश्वर।