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सात वन्य जीव तस्करों को कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:06 AM IST
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बागेश्वर। वन्य जीवों के अंगों की तस्करी के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट गरुड़ ने सात तस्करों को दोषी करार दिया। इनमें दो को दो-दो महीने और पांच को एक-एक सप्ताह की सजा सुनाई। मामले के अनुसार दो जनवरी 2014 को वन विभाग की गश्ती टीम ने मुखबिर की सूचना पर गरुड़ कंपार्टमेंट नंबर-36 के टोटीगाड़ नामक स्थान पर सात लोगों को अवैध शिकार करते पकड़ा था। यह जंगल कौसानी बीट का था। टीम ने तूनिया निवासी भुवन राम और मोहन राम को मौके पर ही पकड़ा था जबकि पांच लोग फरार हो गए थे।
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पकड़े गए लोगों के कब्जे से सुअर का दांत, मांस, सेही का मांस, बारहसिंगा के सींग और बारूद आदि सामान बरामद हुआ था। मौके से भागे पांच अन्य अभियुक्त तूनिया निवासी हरिराम, हरीश राम, मदन राम, नारायण राम, सरोली गांव निवासी गोपाल सिंह ने विवेचना के दौरान न्यायालय में समर्पण किया। इस मामले में सभी अभियुक्तों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972, भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत बैजनाथ रेंज में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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मामले की प्रारंभिक विवेचना रेंजर भुवनेश कुमार पंत ने की। मामले की अंतिम विवेचना रेंजर नारायण दत्त पांडेय ने करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा कुशवाहा ने भुवन राम और मोहन राम को दो-दो माह का कारावास और सात-सात हजार रुपये अर्थदंड तथा हरिराम, हरीश राम, मदन राम, नारायण राम और गोपाल सिंह को एक-एक सप्ताह का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतेंगे।
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