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खड़िया खदान में अनियमितता मिलने पर डीएम ने खनन पर लगाई रोक
Updated Thu, 03 May 2018 10:44 PM IST
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रमचंदीपुर में किया गया बालू खनन
- फोटो : file photo
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बागेश्वर। तहसील कांडा क्षेत्र की एक खड़िया माइन के खनन क्षेत्र में अनियमितता मिली है। नौ मीटर के बजाय 20 मीटर गहराई तक खुदान होने पर डीएम रंजना राजगुरु ने इस खान के खनन कार्य पर रोक लगा दी है। साथ ही खनन पट्टे को निरस्त करने की संस्तुति की है।
डीएम के निर्देश पर कांडा की संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम नेहा मीणा ने जागनाथ मिनरल्स के खदान क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में खदान क्षेत्र में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। उन्होंने बताया कि खदान क्षेत्र में खनन के बाद पुराने पिटों का समतलीकरण नहीं किया गया था। खेतों को भी सीढ़ीनुमा नहीं बनाया गया था। स्वीकृत क्षेत्र में पूरी तरह से सीमा स्तंभों का निर्माण नहीं किया गया था। मजदूरों के लिए प्राथमिक उपचार किट की भी नहीं मिली। इन कमियों को पूरा करने के लिए पट्टाधारक के खनन क्षेत्र का पुन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खनन क्षेत्र के अंदर सीसीटीवी भी नहीं मिले। खनन में पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी भी मिली। इंजीनियर की अनुपस्थिति में खनन किया जा रहा था। खनन क्षेत्र की नजदीकी जमीन में भूस्खलन होने से दुर्घटना की भी आशंका थी। उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र में नौ मीटर के बजाय लगभग 20 मीटर गहराई तक खुदान किया गया है। खनन के लिए प्रयोग में लाई जा रही पोकलेन मशीन के कागजात मौके पर नहीं मिले। इन अनियमितताओं को देखते हुए डीएम ने खनन पर रोक लगाने के साथ ही खनन पट्टे को निरस्त करने की संस्तुति कर दी है।
नौ मीटर के बजाय 20 मीटर गहराई तक खुदान
खदान में अनियमितता मिलने पर डीएम ने खनन पर रोक लगाई
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डीएम के निर्देश पर कांडा की संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम नेहा मीणा ने जागनाथ मिनरल्स के खदान क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में खदान क्षेत्र में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। उन्होंने बताया कि खदान क्षेत्र में खनन के बाद पुराने पिटों का समतलीकरण नहीं किया गया था। खेतों को भी सीढ़ीनुमा नहीं बनाया गया था। स्वीकृत क्षेत्र में पूरी तरह से सीमा स्तंभों का निर्माण नहीं किया गया था। मजदूरों के लिए प्राथमिक उपचार किट की भी नहीं मिली। इन कमियों को पूरा करने के लिए पट्टाधारक के खनन क्षेत्र का पुन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खनन क्षेत्र के अंदर सीसीटीवी भी नहीं मिले। खनन में पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी भी मिली। इंजीनियर की अनुपस्थिति में खनन किया जा रहा था। खनन क्षेत्र की नजदीकी जमीन में भूस्खलन होने से दुर्घटना की भी आशंका थी। उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र में नौ मीटर के बजाय लगभग 20 मीटर गहराई तक खुदान किया गया है। खनन के लिए प्रयोग में लाई जा रही पोकलेन मशीन के कागजात मौके पर नहीं मिले। इन अनियमितताओं को देखते हुए डीएम ने खनन पर रोक लगाने के साथ ही खनन पट्टे को निरस्त करने की संस्तुति कर दी है।
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नौ मीटर के बजाय 20 मीटर गहराई तक खुदान
खदान में अनियमितता मिलने पर डीएम ने खनन पर रोक लगाई