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Bageshwar News: सीएम ने लोकार्पण किया पर अस्तित्व में नहीं आया संग्रहालय
Wed, 10 May 2023 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 10 May 2023 11:01 PM IST
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बागेश्वर। बागनाथ मंदिर परिसर में संग्रहालय भवन बनने के बाद भी संग्रहालय अस्तित्व में नहीं आया है, जबकि सात महीने पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संग्रहालय का लोकार्पण कर चुके हैं। लोकार्पण के बाद भी संग्रहालय के अस्तित्व में न आने से तमाम सवाल उठ रहे हैं। संग्रहालय के अस्तित्व में न आने से ऐतिहासिक मूर्तियां लोगों की नजरों से दूर हैं। उनका कोई सुध लेने वाला नहीं है।
बागनाथ मंदिर परिसर में धर्मशालाओं के निर्माण, कालभैरव मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ ही संग्रहालय निर्माण की वर्ष 2020 में शासन ने मंजूरी दी। करीब डेढ़ करोड़ की लागत से दो धर्मशालाओं, संग्रहालय भवन का निर्माण, कालभैरव मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ ही अन्य कार्य हुए। बीते वर्ष चार सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर के सौंदर्यीकरण के कार्यों के साथ ही संग्रहालय का लोकार्पण किया था। उम्मीद थी कि अब लावारिस पड़ी ऐतिहासिक मूर्तियों और अन्य संग्रहणीय धरोहरों के दीदार दर्शनार्थी, सैलानी कर पाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
ऐतिहासिक मूर्तियां आज भी लोगों की नजरों से दूर हैं। मूर्तियों को संग्रहालय में नहीं रखा जा सका है। मूर्तियां कमरे में बंद पड़ी हैं। कमरे के बाहर पुरातत्व विभाग का ताला लगा हुआ है। सवाल यही है कि यदि संग्रहालय का कार्य पूरा नहीं हुआ था तो मुख्यमंत्री से लोकार्पण क्यों कराया गया? क्यों इस तरह का खिलवाड़ किया गया? मुख्यमंत्री तक को गुमराह किया गया? इस संबंध में आरडब्यूडी के ईई रमेश चंद्रा का पक्ष लेने के लिए कई बार उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। संवाद
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इनसेट
मंदिर समिति ने बताया घोर अनियमितता
बागेश्वर। बागनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल का कहना है कि कार्यदायी संस्था आरडब्ल्यूडी ने संग्रहालय में व्यवस्था पूरी किए बगैर संग्रहालय का मुख्यमंत्री से लोकार्पण करा दिया। यह घोर अनियमितता और लापरवाही है। मूर्तियां संग्रहालय भवन में स्थानांतरित नहीं हो पाई हैं। ऐतिहासिक मूर्तियां कमरे में बंद पड़ी हैं। मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु, पर्यटक चाहने के बाद भी मूर्तियों के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इस मामले का संज्ञान सरकार और सीएम को लेना चाहिए। ऐतिहासिक मूर्तियां संग्रहालय की शोभा बननी चाहिए। संवाद
कोट
संग्रहालय का काम पूरा न होने की बात संज्ञान में नहीं थी। इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा। जल्द से जल्द संग्रहालय संचालित कराया जाएगा।
इंद्र सिंह फर्स्वाण जिलाध्यक्ष भाजपा बागेश्वर
कोट
बागनाथ मंदिर परिसर में बने संग्रहालय में मूर्तियों को रखने के लिए स्टैंड (मूर्ति सेट) नहीं बने हैं। कार्यदायी संस्था आरडब्ल्यूडी ने मूर्ति स्टैंड का प्रावधान बजट में नहीं किया था। जानकारी मिली है कि प्रसाद योजना के तहत मूर्ति सेट बनाए जाएंगे।
सीएस चौहान क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी अल्मोड़ा
कोट
संग्रहालय का संचालन न होने के मामले में आरडब्ल्यूडी के अधिकारियों को तलब किया जाएगा। संग्रहालय के अधूरे कार्यों को हर हाल में पूरा कराया जाएगा।
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बागनाथ मंदिर परिसर में धर्मशालाओं के निर्माण, कालभैरव मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ ही संग्रहालय निर्माण की वर्ष 2020 में शासन ने मंजूरी दी। करीब डेढ़ करोड़ की लागत से दो धर्मशालाओं, संग्रहालय भवन का निर्माण, कालभैरव मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ ही अन्य कार्य हुए। बीते वर्ष चार सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर के सौंदर्यीकरण के कार्यों के साथ ही संग्रहालय का लोकार्पण किया था। उम्मीद थी कि अब लावारिस पड़ी ऐतिहासिक मूर्तियों और अन्य संग्रहणीय धरोहरों के दीदार दर्शनार्थी, सैलानी कर पाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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ऐतिहासिक मूर्तियां आज भी लोगों की नजरों से दूर हैं। मूर्तियों को संग्रहालय में नहीं रखा जा सका है। मूर्तियां कमरे में बंद पड़ी हैं। कमरे के बाहर पुरातत्व विभाग का ताला लगा हुआ है। सवाल यही है कि यदि संग्रहालय का कार्य पूरा नहीं हुआ था तो मुख्यमंत्री से लोकार्पण क्यों कराया गया? क्यों इस तरह का खिलवाड़ किया गया? मुख्यमंत्री तक को गुमराह किया गया? इस संबंध में आरडब्यूडी के ईई रमेश चंद्रा का पक्ष लेने के लिए कई बार उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। संवाद
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मंदिर समिति ने बताया घोर अनियमितता
बागेश्वर। बागनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल का कहना है कि कार्यदायी संस्था आरडब्ल्यूडी ने संग्रहालय में व्यवस्था पूरी किए बगैर संग्रहालय का मुख्यमंत्री से लोकार्पण करा दिया। यह घोर अनियमितता और लापरवाही है। मूर्तियां संग्रहालय भवन में स्थानांतरित नहीं हो पाई हैं। ऐतिहासिक मूर्तियां कमरे में बंद पड़ी हैं। मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु, पर्यटक चाहने के बाद भी मूर्तियों के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इस मामले का संज्ञान सरकार और सीएम को लेना चाहिए। ऐतिहासिक मूर्तियां संग्रहालय की शोभा बननी चाहिए। संवाद
कोट
संग्रहालय का काम पूरा न होने की बात संज्ञान में नहीं थी। इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा। जल्द से जल्द संग्रहालय संचालित कराया जाएगा।
इंद्र सिंह फर्स्वाण जिलाध्यक्ष भाजपा बागेश्वर
कोट
बागनाथ मंदिर परिसर में बने संग्रहालय में मूर्तियों को रखने के लिए स्टैंड (मूर्ति सेट) नहीं बने हैं। कार्यदायी संस्था आरडब्ल्यूडी ने मूर्ति स्टैंड का प्रावधान बजट में नहीं किया था। जानकारी मिली है कि प्रसाद योजना के तहत मूर्ति सेट बनाए जाएंगे।
सीएस चौहान क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी अल्मोड़ा
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संग्रहालय का संचालन न होने के मामले में आरडब्ल्यूडी के अधिकारियों को तलब किया जाएगा। संग्रहालय के अधूरे कार्यों को हर हाल में पूरा कराया जाएगा।