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संविदा स्टाफ नर्सों ने काला फीता बांधकर किया प्रदर्शन
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बागेश्वर में प्रदर्शन करतीं स्टाफ नर्स। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। संविदा एवं बेरोजगार स्टाफ नर्सेज संगठन ने प्रदेश के 2621 पदों पर वर्षवार के माध्यम से नर्सिंग भर्ती जल्द करवाने की मांग के लिए दो दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। नर्सों ने बांह में काला फीता बांधकर जिला अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। सीएमएस के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर 27 जुलाई को देहरादून में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
स्टाफ नर्सों ने कहा कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में स्टाफ नर्सेज के पदों पर भर्ती के लिए 12 दिसंबर 2020 को विज्ञप्ति निकली थी लेकिन भर्ती अब तक नहीं हो सकी है। तीन बार लिखित भर्ती परीक्षा की विज्ञप्ति को निरस्त किया जा चुका है। कहा कि पिछले 10-15 वर्षों से संविदा, उपनल, एनएचएम सहित अन्य आउटसोर्स के माध्यम से स्टाफ नर्स पूरे प्रदेश में दुर्गम, अति दुर्गम, पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेजों में सेेवा दे रहे हैं। कई लोग भर्ती का इंतजार करते हुए निर्धारित आयु सीमा भी पार कर चुके हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से पिछले दो साल से भर्ती नहीं कराई गई है।
कहा कि लगातार शासन से वार्ता के बाद 24 दिसंबर 2021 को प्रदेश सरकार ने नर्सिंग भर्ती को वर्षवार के माध्यम से कराने का प्रस्ताव कैबिनेट में निर्णय लिया था लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी इस पर कार्यवाही शुरू नहीं हुई है। सरकार की उपेक्षा से मजबूर होकर कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। अगर अब भी सुनवाई नहीं हुई तो मांग मनवाने के लिए आंदोलन ही एकमात्र विकल्प होगा। वहां निधि रावल, नीतू लखेड़ा, दीपा, पूजा, भावना, ममता, देवकी, गीता आदि मौजूद रहे।
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स्टाफ नर्सों ने कहा कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में स्टाफ नर्सेज के पदों पर भर्ती के लिए 12 दिसंबर 2020 को विज्ञप्ति निकली थी लेकिन भर्ती अब तक नहीं हो सकी है। तीन बार लिखित भर्ती परीक्षा की विज्ञप्ति को निरस्त किया जा चुका है। कहा कि पिछले 10-15 वर्षों से संविदा, उपनल, एनएचएम सहित अन्य आउटसोर्स के माध्यम से स्टाफ नर्स पूरे प्रदेश में दुर्गम, अति दुर्गम, पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेजों में सेेवा दे रहे हैं। कई लोग भर्ती का इंतजार करते हुए निर्धारित आयु सीमा भी पार कर चुके हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से पिछले दो साल से भर्ती नहीं कराई गई है।
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कहा कि लगातार शासन से वार्ता के बाद 24 दिसंबर 2021 को प्रदेश सरकार ने नर्सिंग भर्ती को वर्षवार के माध्यम से कराने का प्रस्ताव कैबिनेट में निर्णय लिया था लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी इस पर कार्यवाही शुरू नहीं हुई है। सरकार की उपेक्षा से मजबूर होकर कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। अगर अब भी सुनवाई नहीं हुई तो मांग मनवाने के लिए आंदोलन ही एकमात्र विकल्प होगा। वहां निधि रावल, नीतू लखेड़ा, दीपा, पूजा, भावना, ममता, देवकी, गीता आदि मौजूद रहे।
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