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खड़िया खान के विरोध में उंगिया के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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बागेश्वर कलक्ट्रेट में खड़िया पट्टा देने के विरोध में प्रदर्शन करते उंगिया के लोग। संवाद न्यूज ?
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। सोराग गांव के उंगिया तोक में प्रस्तावित खड़िया खान का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर गांव में खान खोलने की प्रक्रिया के लिए नाराजगी जताई। डीएम को ज्ञापन देकर गांव की सुरक्षा के लिए खड़िया लीज के लिए किए गए आवेदन को निरस्त करने की मांग की।
उंगिया तोक के ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि गांव में जिस स्थान पर खड़िया खान प्रस्तावित की जा रही है जिसका ढलान सीधे गांव को जाता है।
भविष्य में खनन का मलबा सीधे गांव में गिरेेगा और खतरा पैदा करेगा। मलबा गिरने से ग्रामीणों की गौचर, पनघट की जमीन के अलावा करीब 4000 पेड़-पौधों को भी नुकसान होना तय है। खनन के मलबे से गांव के सदानीरा गधेरे के साथ पिंडर नदी भी प्रभावित होगी। इस कारण आने वाले समय में ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। गांव की जमीन पहले ही धंस रही है जिससे पांच परिवार खतरे की जद में हैं। खनन प्रस्तावित क्षेत्र में भी तीन परिवार निवास करते हैं और अनुसूचित जाति के लोगों की उपजाऊ जमीन भी है।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में वर्ष 2014-15 में भी क्षेत्र में खड़िया की खान के लिए आवेदन किया गया था। ग्रामीणों के विरोध के बाद उसे निरस्त कर दिया गया था। ग्रामीणों ने डीएम से इस बार भी क्षेत्र का स्थलीय जांच कराने और जनहित में खड़िया लीज के आवेदन को निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर कैलाश सिंह, प्रकाश सिंह, धाम सिंह, दीवान सिंह आदि मौजूद रहे।
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उंगिया तोक के ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि गांव में जिस स्थान पर खड़िया खान प्रस्तावित की जा रही है जिसका ढलान सीधे गांव को जाता है।
भविष्य में खनन का मलबा सीधे गांव में गिरेेगा और खतरा पैदा करेगा। मलबा गिरने से ग्रामीणों की गौचर, पनघट की जमीन के अलावा करीब 4000 पेड़-पौधों को भी नुकसान होना तय है। खनन के मलबे से गांव के सदानीरा गधेरे के साथ पिंडर नदी भी प्रभावित होगी। इस कारण आने वाले समय में ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। गांव की जमीन पहले ही धंस रही है जिससे पांच परिवार खतरे की जद में हैं। खनन प्रस्तावित क्षेत्र में भी तीन परिवार निवास करते हैं और अनुसूचित जाति के लोगों की उपजाऊ जमीन भी है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में वर्ष 2014-15 में भी क्षेत्र में खड़िया की खान के लिए आवेदन किया गया था। ग्रामीणों के विरोध के बाद उसे निरस्त कर दिया गया था। ग्रामीणों ने डीएम से इस बार भी क्षेत्र का स्थलीय जांच कराने और जनहित में खड़िया लीज के आवेदन को निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर कैलाश सिंह, प्रकाश सिंह, धाम सिंह, दीवान सिंह आदि मौजूद रहे।
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