पहाड़ की पीड़ा: गिरते पत्थरों के बीच दौड़कर स्कूल जाने की मजबूरी, पहाड़ी से लगातार हो रहा भूस्खलन
कपकोट भराड़ी-सौंग सड़क पर जुरमुनी के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। बावजूद इसके क्षेत्रवासियों को आवाजाही के लिए जोखिम उठाना पड़ रहा है। गिरते पत्थरों के बीच स्कूल जाते विद्यार्थी दौड़ लगाकर इधर-उधर जा रहे हैं।
विस्तार
बागेश्वर जिले के कपकोट भराड़ी-सौंग सड़क पर जुरमुनी के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। बावजूद इसके क्षेत्रवासियों को आवाजाही के लिए जोखिम उठाना पड़ रहा है। गिरते पत्थरों के बीच स्कूल जाते विद्यार्थी दौड़ लगाकर इधर-उधर जा रहे हैं।
दुलम गांव के समीप जुरमुनी में विगत 18 अगस्त को सड़क की सुरक्षा दीवार भूस्खलन से टूट गई थी। सड़क पर यातायात सुचारू कराने के लिए विभाग ने पहाड़ी की ओर कटान कर सड़क का चौड़ीकरण किया था। अब यही कटान परेशानी का कारण बन गया है। हल्की बारिश होने पर भी पहाड़ी से पत्थर गिरने लगते हैं। स्कूल जाते बच्चे भी जोखिम उठाकर सड़क पर आवाजाही कर रहे हैं। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी ऐसे किसी भी वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
ये पढ़ें- जंगल में महिला से दुष्कर्म: पीड़िता किसी तरह जान बचाकर घर पहुंची, परिजनों को बताई आपबीती; आरोपी फरार
पहाड़ काटकर सड़क खुलवाना तो ठीक है लेकिन सुरक्षा के इंतजाम भी जरूरी हैं। आवाजाही के लिए एकमात्र यही रास्ता है। रात को भूस्खलन से सड़क बंद हो जाती है। सुबह नौ बजे जेसीबी मौके पर पहुंचती है, जबकि बच्चों को छह से साढ़े छह बजे स्कूल जाना पड़ता है। मजबूरी में उन्हें और लोगों को जोखिम उठाकर पहाड़ी वाला हिस्सा पार करना पड़ रह है।
-मनोज कोरंगा, सामाजिक कार्यकर्ता
खड़ी पहाड़ी और चट्टान होने के कारण जुरमुनी में रूक-रूककर पत्थर गिर रहे हैं। जेसीबी की विंडस्क्रीन और एक अन्य वाहन का शीशा पत्थर लगने से टूट चुका है। आवाजाही के लिए खतरा तो बना है, लेकिन दूसरा रास्ता नहीं होने से लोग खतरा उठाकर आवाजाही कर रहे हैं। मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।
-भुवन ऐठानी, ग्राम प्रधान, बड़ेत
भराड़ी-सौंग सरयू घाटी के गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है। इसके चलते सड़क पर यातायात बहाली के लिए पहाड़ी की ओर कटान करना पड़ा था। बारिश के कारण भूस्खलन हो रहा है। सड़क किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही निर्माण कराया जाएगा।
-अमित पटेल, ईई, लोनिवि कपकोट