{"_id":"615ca30a8ebc3e0b9d08f33c","slug":"cheap-galley-vendors-demonstrated-bageshwar-news-hld440413793","type":"story","status":"publish","title_hn":"सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
बागेश्वर में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते सस्ता गल्ला विक्रेता। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। लाभांश, ढुलान भाड़े का भुगतान और निश्चित मानदेय देेने की मांग के लिए आंदोलन कर रहे सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने राधाकृष्ण मंदिर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला पूर्ति अधिकारी का घेराव भी किया। गल्ला विक्रेताओं ने मांग पूरी नहीं होने पर 11 अक्तूबर को होने वाले अन्न महोत्सव के पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी दी है।
सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता संघ ने 15 सितंबर से कार्य बहिष्कार शुरू किया था। इसके बाद जिले की विभिन्न तहसीलों में बैठक की गई। जिसके बाद गल्ला विक्रेताओं का शिष्टमंडल देहरादून जाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला। हालांकि इसके बावूजद गल्ला विक्रेताओं की मांग पूरी नहीं हुई। सोमवार को गल्ला विक्रेताओं ने राधाकृष्ण मंदिर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और आंदोलन के आगे की रणनीति पर चर्चा की। गल्ला विक्रेताओं ने डीएसओ से मिलकर जल्द मांग पूरी करने को कहा। जिला पूर्ति अधिकारी ने उन्हें सभी मांगें माने जाने का आश्वासन दिया, लेकिन गल्ला विक्रेता अपनी मांगों पर अडिग हैं। इस मौके पर सस्ता गल्ला विक्रेता संघ के जिला सचिव अशोक बिष्ट, जिलाध्यक्ष गणेश सिंह रावत, हेम कांडपाल, दीवान असवाल, नंदन सिंह, पुष्कर सिंह बिष्ट, नवीन चंद्र आदि मौजूद रहे।
15 सितंबर से हड़ताल पर हैं सस्ता गल्ला विक्रेता
बागेश्वर। जिले में सरकारी सस्ता गल्ला की 434 सरकारी सस्ता गल्ला की दुकानें हैं। 15 सितंबर से सभी गल्ला विक्रेता हड़ताल पर हैं। इसके चलते सितंबर महीने में करीब 40 प्रतिशत राशन का वितरण नहीं हो सका था। अक्तूबर महीने का राशन भी गोदामों में पहुंच गया है, लेकिन हड़ताल के चलते गल्ला विक्रेताओं ने अब तक राशन को गोदाम से उठाया नहीं है। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता संघ के जिला सचिव अशोक बिष्ट का कहना है कि विक्रेता ग्राहकों को परेशानी में नहीं डालना चाहते हैं, जिसके चलते 15 सितंबर से पूर्व दुकानों से राशन का वितरण किया गया था, लेकिन शासन और प्रशासन लंबे समय से लंबित ढुलान भाड़ा, लाभांश भुगतान सहित अन्य मांगों की अनेदखी कर रहा है। जिसके कारण गल्ला विक्रेताओं ने अब तक अक्तूबर माह का राशन नहीं उठाया है।
विज्ञापन
कोट
जिले में प्रति माह छह हजार क्विंटल चावल और पांच हजार क्विंटल गेहूं सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं की दुकानों बंटता है। सितंबर का सारा राशन गोदाम से उठ गया था। अक्तूबर का राशन गोदाम में आ चुका है। हड़ताली गल्ला विक्रेताओं से भी सकारात्मक बातचीत हुई है। उम्मीद है, जल्द ही हड़ताल समाप्त होगी और इस महीने का राशन भी बंटना शुरु हो जाएगा।
अरुण कुमार वर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी, बागेश्वर
अल्मोड़ा में 917 सस्ता गल्ला दुकानों में लटके हैं ताले
अल्मोड़ा। सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल से राशन विक्रेताओं की दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। जिले में कुल 917 सस्ता गल्ला राशन विक्रेता हैं। हड़ताल के चलते राशन उठान और वितरण पूरी तरह से ठप है। राशन नहीं मिलने के कारण उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। इधर पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति ने कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी हड़ताल जारी रहेगी।
कोरोनाकाल में बकाया भुगतान करने, प्रतिमाह 30 हजार रुपये मानदेय देने समेत अन्य मांगों के लिए सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल को एक माह से भी अधिक समय हो गया है लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला है। हड़ताल के चलते जिले की 917 सस्ता गल्ला की दुकानों में ताले लटके हैं। इन दुकानों में गल्ला विक्रेताओं ने राशन उठान और वितरण पूरी तरह से ठप रखा है। समिति के जिला महामंत्री केशर सिंह खनी ने बताया कि हड़ताल के चलते गल्ला विक्रेता राशन का न तो उठान कर रहे हैं और न ही वितरण। लंबे समय बाद भी सरकार हमारी नहीं सुन रही है। इससे गल्ला विक्रेताओं को मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ा। संवाद
विज्ञापन
सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता संघ ने 15 सितंबर से कार्य बहिष्कार शुरू किया था। इसके बाद जिले की विभिन्न तहसीलों में बैठक की गई। जिसके बाद गल्ला विक्रेताओं का शिष्टमंडल देहरादून जाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला। हालांकि इसके बावूजद गल्ला विक्रेताओं की मांग पूरी नहीं हुई। सोमवार को गल्ला विक्रेताओं ने राधाकृष्ण मंदिर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और आंदोलन के आगे की रणनीति पर चर्चा की। गल्ला विक्रेताओं ने डीएसओ से मिलकर जल्द मांग पूरी करने को कहा। जिला पूर्ति अधिकारी ने उन्हें सभी मांगें माने जाने का आश्वासन दिया, लेकिन गल्ला विक्रेता अपनी मांगों पर अडिग हैं। इस मौके पर सस्ता गल्ला विक्रेता संघ के जिला सचिव अशोक बिष्ट, जिलाध्यक्ष गणेश सिंह रावत, हेम कांडपाल, दीवान असवाल, नंदन सिंह, पुष्कर सिंह बिष्ट, नवीन चंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
15 सितंबर से हड़ताल पर हैं सस्ता गल्ला विक्रेता
बागेश्वर। जिले में सरकारी सस्ता गल्ला की 434 सरकारी सस्ता गल्ला की दुकानें हैं। 15 सितंबर से सभी गल्ला विक्रेता हड़ताल पर हैं। इसके चलते सितंबर महीने में करीब 40 प्रतिशत राशन का वितरण नहीं हो सका था। अक्तूबर महीने का राशन भी गोदामों में पहुंच गया है, लेकिन हड़ताल के चलते गल्ला विक्रेताओं ने अब तक राशन को गोदाम से उठाया नहीं है। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता संघ के जिला सचिव अशोक बिष्ट का कहना है कि विक्रेता ग्राहकों को परेशानी में नहीं डालना चाहते हैं, जिसके चलते 15 सितंबर से पूर्व दुकानों से राशन का वितरण किया गया था, लेकिन शासन और प्रशासन लंबे समय से लंबित ढुलान भाड़ा, लाभांश भुगतान सहित अन्य मांगों की अनेदखी कर रहा है। जिसके कारण गल्ला विक्रेताओं ने अब तक अक्तूबर माह का राशन नहीं उठाया है।
विज्ञापन
कोट
जिले में प्रति माह छह हजार क्विंटल चावल और पांच हजार क्विंटल गेहूं सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं की दुकानों बंटता है। सितंबर का सारा राशन गोदाम से उठ गया था। अक्तूबर का राशन गोदाम में आ चुका है। हड़ताली गल्ला विक्रेताओं से भी सकारात्मक बातचीत हुई है। उम्मीद है, जल्द ही हड़ताल समाप्त होगी और इस महीने का राशन भी बंटना शुरु हो जाएगा।
अरुण कुमार वर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी, बागेश्वर
अल्मोड़ा में 917 सस्ता गल्ला दुकानों में लटके हैं ताले
अल्मोड़ा। सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल से राशन विक्रेताओं की दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। जिले में कुल 917 सस्ता गल्ला राशन विक्रेता हैं। हड़ताल के चलते राशन उठान और वितरण पूरी तरह से ठप है। राशन नहीं मिलने के कारण उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। इधर पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति ने कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी हड़ताल जारी रहेगी।
कोरोनाकाल में बकाया भुगतान करने, प्रतिमाह 30 हजार रुपये मानदेय देने समेत अन्य मांगों के लिए सस्ता गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल को एक माह से भी अधिक समय हो गया है लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला है। हड़ताल के चलते जिले की 917 सस्ता गल्ला की दुकानों में ताले लटके हैं। इन दुकानों में गल्ला विक्रेताओं ने राशन उठान और वितरण पूरी तरह से ठप रखा है। समिति के जिला महामंत्री केशर सिंह खनी ने बताया कि हड़ताल के चलते गल्ला विक्रेता राशन का न तो उठान कर रहे हैं और न ही वितरण। लंबे समय बाद भी सरकार हमारी नहीं सुन रही है। इससे गल्ला विक्रेताओं को मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ा। संवाद