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करोड़ों का पुल बना लावारिस जानवरों का आरामगाह
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sat, 15 Apr 2017 11:36 PM IST
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पुल पर बैठे जानवर
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। वाहनों की सुरक्षित आवाजाही और बागेश्वर शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरयू नदी में करोड़ों की लागत से बनाया गया नया पुल लावारिस पशुओं का आरामगाह बना है। इस पुल में वाहनों की आवाजाही कम जबकि लावारिस पशु अधिक घूमते हैं।
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बागेश्वर से कांडा जाने वाली सड़क में सरयू नदी में वर्ष 1962 में बना पुल अब जर्जर हालत में है। इस पुल में एक समय में केवल एक ही वाहन संचालित हो सकता है। बड़े वाहनों के संचालन में पुल हिलने लग जाता है। भारी वाहनों की एक साथ आवाजाही पर जाम लग जाता है।
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इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालात यह हो जाते हैं कि राहगीरों के लिए भी पुल में सुरक्षित चलने लायक जगह नहीं बच पाती है। पुल पर लगातार बढ़ रहे दबाव से खतरे को देखते हुए करोड़ों की लागत से एक वर्ष पहले करीब 100 मीटर ऊपर नया पुल बनाया गया। इस पुल को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए जिला अस्पताल के समीप से सड़क बनाई गई है।
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पुल के निर्माण के बाद उम्मीद थी कि कपकोट की ओर संचालित होने वाले वाहन इस पुल से संचालित होंगे। इससे पुल पर बार-बार लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलेगी, लेकिन पुल को आवाजाही के लिए खोलने के बाद भी इसमें ट्रैफिक के बजाय लावारिस जानवरों अधिक नजर आ रहे हैं। पुल से आगे जिला अस्पताल की ओर सड़क को भी अभी पक्का नहीं किया गया है।
कुछ इक्का दुक्का वाहन ही इस पुल से गुजरते हैं। दिन रात लावारिस जानवरों ने इस पुल को अपना आरामगाह बनाया है। यह जानवर पैदल आवाजाही करने वाले लोगों के लिए भी खतरा बने रहते हैं। कुछ समय पूर्व तक इस पुल को कुछ लोगों ने पार्किंग स्थल बना लिया था। पिछले दिनों प्रशासन ने वाहन मालिकों को कड़ी चेतावनी देकर वाहन हटवाए थे।
बागेश्वर। पालतू पशुओं को खुरपका, मुंहपका रोग से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने टीकाकरण शुरू कर दिया है। पशुपालन विभाग की टीम घर-घर जाकर गोवंशीय, महिषवंशीय पशुओं में टीकाकरण करेगी। सीवीओ डॉ. उदय शंकर ने बताया कि जिले में पहले चरण का टीकाकरण पांच अप्रैल से शुरू कर दिया है।
खुरपका, मुंहपका रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले के सभी गोवंशीय, महिषवंशीय पशुओं में टीकाकरण किया जाना है। इसके लिए पशुपालन विभाग की टीमें घर-घर जा रही हैं। उन्होंने कहा कि दुधारु पशुओं को बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। सीवीओ ने सभी पशुपालकों से सहयोग मांगा है।