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दोनों जिलों से दूर हुआ कौसानी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sun, 10 Jan 2016 01:17 AM IST
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पर्यटन नगरी में आधारभूत सुविधाओं का अभाव है। जिस कारण स्थानीय लोगों, व्यवसायियों में नाराजगी है। यहां संपर्क मार्ग, स्ट्रीट लाइट, पार्कों की हालत खराब है। कुछ सालों से जिला प्रशासन यहां अलाव तक नहीं जला रहा है। सरकारी विभागों की कार्यशैली से लोग नाराज हैं। दो जिलों की सीमा छूने के बावजूद कौसानी को उसका हक नहीं मिल सका है।
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कौसानी में स्ट्रीट लाइट, नालियों से लेकर पैदल रास्तों तक की हालत खराब है। सुविधाएं न होने के कारण यहां पर्यटक नहीं रुकते। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष बलवंत नेगी बबलू बताते हैं कि इस बार नववर्ष के मौके पर भी अन्य स्थानों की अपेक्षा यहां कम पर्यटक पहुंचे। कुछ सालों से विदेशी सैलानियों की संख्या में कमी आई है।
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पर्यटन व्यवसायी मनोज अरोड़ा ने कहा कि खास मौकों पर कौसानी में पर्यटन विभाग को सांस्कृतिक आयोजनों, सामान्य सुविधाओं का इंतजाम करना चाहिए। क्षेत्रवासियों ने कहा कि क ौसानी ऊंचाई पर बसा है। जिस कारण यहां जाड़ों के मौसम में काफी ठंड रहती है। पर्यटक देर शाम तक घूमना चाहते हैं, लेकिन यहां प्रशासन ने कुछ सालों से अलाव जलाना भी बंद कर दिया है।
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कस्बे का आधा हिस्सा अल्मोड़ा में और आधा बागेश्वर जिले में आता है। सुविधाओं का समस्याएं खड़ी होने पर दोनों जिलों के अधिकारी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करते हैं। जिस कारण कौसानी दो जिलों की सीमा पर पिस कर रह गया है।
जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट का कहना है कि कौसानी की समस्याओं के समाधान को लेकर संबंधित विभागों से संपर्क किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों की समस्या को लेकर विभाग गंभीर है।