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बीडीसी बैठक में छाया रहा मनरेगा भुगतान का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Wed, 16 Nov 2016 10:42 PM IST
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बीडीसी
- फोटो : amar ujala
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बीडीसी बैठक में मनरेगा का धन मजदूरों के खातों में छह माह से नहीं आने से सियासत गरमा गई । बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ने केंद्र को कोसा तो जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट ने राज्य सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। प्रधानों ने ऐलान किया कि मनरेगा मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के अंदर नहीं किया तो वह भविष्य में मनरेगा के काम नहीं करेंगे।
क्षेत्र पंचायत सभागार में ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का संचालन करते हुए बीडीओ गोविंद सिंह बोरा ने सदन को शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। सदन की पिछली कार्यवाही का वाचन होने के बाद कोलतुलारी के प्रधान मंगल राणा, रियूनीलखमार के प्रधान भुवन जोशी, देवनाई की शोभा बोरा आदि प्रधानों ने पूर्व में परित प्रस्तावों पर कार्यवाही न होने पर जमकर हंगामा काटा। प्रधानों ने मनरेगा की मजदूरी का छह माह से भुगतान न होने पर सदन में जमकर हंगामा काटा। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि मनरेगा नब्बे फीसदी केंद्र पोषित योजना है। राज्य सरकार का मनरेगा में मात्र दस फीसदी अंश है।
केंद्र की लापरवाही के कारण मजदूरों के खातों में आज तक मजदूरी नहीं आई । जबाब में जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट ने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण मनरेगा श्रमिकों को आज तक मजदूरी नहीं मिली है। बिनखोली की प्रधान दया गोस्वामी ने कहा कि सिंचाई विभाग की अनदेखी के चलते बिनखोली नहर दो साल से बंद है। जिला पंचायत अध्यक्ष ऐठानी ने विभाग के ईई और एई को बैठक संपन्न होने के बाद नहर का हाल जानने के निर्देश दिए। मेलाडुंगरी के प्रधान बलवंत भंडारी ने कहा कि मानसिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बागेश्वर में मेडिकल प्रमाण पत्र बने थे। विभाग की लापरवाही के कारण आज तक प्रमाण पत्र वितरित नहीं हुए हैं। बैठक में जिला पंचायत सदस्य गोदावरी, जितेंद्र मेहता, देवी दत्त पाठक, राजेंद्र परिहार, हरी राम, चंदन बोरा, जनार्दन लोहुमी, मदन सिंह आदि ने विचार रखे। वहां ज्येष्ठ प्रमुख जगदीश कुनियाल, प्रकाश कोहली, एसडीएम गरुड़ रवींद्र सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
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क्षेत्र पंचायत सभागार में ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का संचालन करते हुए बीडीओ गोविंद सिंह बोरा ने सदन को शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। सदन की पिछली कार्यवाही का वाचन होने के बाद कोलतुलारी के प्रधान मंगल राणा, रियूनीलखमार के प्रधान भुवन जोशी, देवनाई की शोभा बोरा आदि प्रधानों ने पूर्व में परित प्रस्तावों पर कार्यवाही न होने पर जमकर हंगामा काटा। प्रधानों ने मनरेगा की मजदूरी का छह माह से भुगतान न होने पर सदन में जमकर हंगामा काटा। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि मनरेगा नब्बे फीसदी केंद्र पोषित योजना है। राज्य सरकार का मनरेगा में मात्र दस फीसदी अंश है।
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केंद्र की लापरवाही के कारण मजदूरों के खातों में आज तक मजदूरी नहीं आई । जबाब में जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट ने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण मनरेगा श्रमिकों को आज तक मजदूरी नहीं मिली है। बिनखोली की प्रधान दया गोस्वामी ने कहा कि सिंचाई विभाग की अनदेखी के चलते बिनखोली नहर दो साल से बंद है। जिला पंचायत अध्यक्ष ऐठानी ने विभाग के ईई और एई को बैठक संपन्न होने के बाद नहर का हाल जानने के निर्देश दिए। मेलाडुंगरी के प्रधान बलवंत भंडारी ने कहा कि मानसिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बागेश्वर में मेडिकल प्रमाण पत्र बने थे। विभाग की लापरवाही के कारण आज तक प्रमाण पत्र वितरित नहीं हुए हैं। बैठक में जिला पंचायत सदस्य गोदावरी, जितेंद्र मेहता, देवी दत्त पाठक, राजेंद्र परिहार, हरी राम, चंदन बोरा, जनार्दन लोहुमी, मदन सिंह आदि ने विचार रखे। वहां ज्येष्ठ प्रमुख जगदीश कुनियाल, प्रकाश कोहली, एसडीएम गरुड़ रवींद्र सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
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