बागेश्वर। धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर तेजी से उभर रहे सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा और तप्तकुंड में विकास कार्य तेज करने की मांग जोरशोर से उठने लगी है। सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति ने केंद्रीय पर्यटन और रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट को ज्ञापन भेजकर सरमूल आने वाले सैलानियों के ठहरने और भ्रमण के लिए सुगम मार्ग का निर्माण कराने की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री को भेजे ज्ञापन में समिति के सदस्यों ने बताया कि सरयू नदी के उद्गम स्थल के दर्शन, पूजा पाठ और श्राद्ध-तर्पण करने के लिए लोग सरमूल, तप्तकुंड और भद्रतुंगा की यात्रा करते हैं। पिछले कुछ वर्षों से यहां सैलानियों का आना बढ़ा है। देश के विभिन्न कोनों से साधु-संत भी मां सरयू के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि पूर्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री ने सरमूल को पर्यटन सर्किट से जोड़कर विकास करने की बात कही है। हालांकि अब भी सैलानियों को कई तरह की दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। समिति के सदस्यों ने केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री से सरमूल आने वाले सैलानियों की सुविधा के लिए भद्रतुंगा से सहस्त्रधारा तक सरयू नदी किनारे छह फीट चौड़ा पैदल मार्ग का निर्माण करने के लिए धन आवंटित करने की मांग की। भद्रतुंगा और सरमूल आने वाले लोगों के ठहरने के लिए आवास की व्यवस्था करने, दूरसंचार सुविधाएं बेहतर करने सहित सभी मूलभूत सुविधाओं का विकास करने की भी मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में प्रभारी अध्यक्ष भगवत सिंह कोरंगा, महामंत्री कमला कुमल्टा, सलाहकार दयाल कुमल्टा, भीम सिंह दानू आदि शामिल थे।