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बांसे गांव में फूड प्वाजनिंग से 10 बीमार
ब्यूूराे, अमर उजाला, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Sun, 19 Jul 2015 02:11 AM IST
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बड़ेत ग्राम पंचायत के बांसे तोक में फूड प्वाजनिंग से 10 लोग बीमार पड़ गए हैं। पीड़ितों को कपकोट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनमें पांच बच्चे शामिल हैं।
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एसडीएम केएस टोलिया और तहसीलदार मदन सिंह बिरोड़िया ने अस्पताल पहुुंचकर पीड़ितों का हालचाल पूछा और डाक्टरों को पीड़ितों के उपचार में ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए।
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एसडीएम ने पेयजल संस्थान के एई और जेई को तत्काल प्रभावित गांव में बनी पानी की टंकी की सफाई करके उसमें क्लोरीन और ब्लीचिंग पाउडर डालने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जेसी मंडल ने चिकित्सा टीम को दवाइयों के साथ प्रभावित गांव को रवाना कर दिया है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बड़ेत के बांसे तोक के लोगों ने हरेला त्यौहार पर पकौड़ी बनाने के लिए स्थानीय एक दुकान से बेसन खरीदा था।
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बेसन से बनी पकौड़ी खाने के कारण प्रेम राम (74), पुष्पा देवी (22), रजनी (11), रमुली देवी (62), आंनदी देवी (36), ललिता (7), हयात राम (28) और उसका चार साल का पुत्र धीरज कुमार, नेहा (6), मनीष (साढ़े तीन वर्ष) की तबियत बिगड़ने लगी। शाम को उन्हें उल्टी-दस्त शुरू हो गया।
ग्राम प्रधान सीता ऐठानी के पति भूपेश ऐठानी की सूचना पर पीड़ितों को 108 नंबर आपातकालीन सेवा की सहायता के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र कपकोट लाया गया।
अस्पताल के डाक्टर डा. बीएस रावत और डा. नरेंद्र कुमार उपाध्याय ने पीड़ितों का उपचार किया। डाक्टरों के अनुसार संभवत: पुराना, खुला बेसन और तेल के उच्च गुणवत्ता के न होने और दूषित पानी पीने के कारण पीड़ितों को फूड प्वाइजनिंग हो गई।
इधर सीएमओ डा. मंडल ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रभारी चिकित्साधिकारी एनएस टोलिया के नेतृत्व में चिकित्सा टीम शनिवार सुबह प्रभावित गांव को रवाना हो गई है।
ग्राम प्रधान के पति ऐंठानी ने अस्पताल प्रशासन से पीड़ितों का निशुल्क उपचार करने की मांग की। उधर ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बनी पेयजल टंकी की न तो सफाई की जाती है और न ही उसमें दवाइयां ही डाली जाती हैं।