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महिलाएं किसी से कम नहीं, स्वयं की शक्ति को समझना होगा: डॉ. तिवारी
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बागेश्वर के जन शिक्षण संस्थान में आयोजित अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में विचार रखते मुख्य अतिथ
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। आज के समय में महिलाएं किसी से कम नहीं हैैं। महिलाओं को स्वयं की शक्ति को समझना होगा। लड़कियां बेहतर पढ़ाई-लिखाई करेंगी तो निश्चित रूप से अपराजिता बन पाएंगी।
यह बात जन शिक्षण संस्थान बागेश्वर में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक डॉ. जितेंद्र तिवारी ने कही। उन्होंने अमर उजाला के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि देश लैंगिक समानता की ओर आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि आज उड़ीसा की एक आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति के पद को सुशोभित कर रही हैं। डॉ. तिवारी ने कहा कि मातृशक्ति हर क्षेत्र में मुकाम बना रही है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण उत्तराखंड और बागेश्वर में भी देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष पद पर ऋतु खंडूरी काबिज हैं। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की मंत्री रेखा आर्या हैं।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवतियों और महिलाओंको बेहतर पढ़ाई-लिखाई कर अपराजिता बनने को प्रेरित करते हुए कहा कि आज बागेश्वर जिले की जिलाधिकारी रीना जोशी हैं। डॉ. तिवारी ने कहा कि मातृशक्ति को आगे बढ़ाने के लिए राज्य में महिलाओं को त्रिस्तरीय पंचायत में 50 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ है। महिलाओं के लिए पंचायती राजनीति में भी मुकाम हासिल करने का मौका मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि ज्ञान में काफी शक्ति है। हुनर से ही महिलाएं अपराजिता बन सकती हैं।
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संस्थान की प्रशिक्षक हेमा बिष्ट ने महिलाओं और युवतियों को हुनरमंद बनने की प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने इसी संस्थान से तीन महीने का प्रशिक्षण लिया था, आज इसी संस्थान में अन्य प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दे रही हैं। महिलाएं यदि ठान लें तो किसी भी मुकाम को हासिल कर सकती हैं।
इनसेट
कार्यक्रम में शामिल अपराजिताएं
अनीता पांडेय, रीता आर्या, हिमानी, दीपा असवाल, मनीषा, नीलम बिष्ट, सोनिया आर्या, निशा , साक्षी वानी, गीता देवी, दीपा, ममता भट्ट, अंजू नगरकोटी, गरिमा, करिश्मा, मेघा, मोनिका, प्रियंका नेगी, महकशी आदि।
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यह बात जन शिक्षण संस्थान बागेश्वर में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक डॉ. जितेंद्र तिवारी ने कही। उन्होंने अमर उजाला के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि देश लैंगिक समानता की ओर आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि आज उड़ीसा की एक आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति के पद को सुशोभित कर रही हैं। डॉ. तिवारी ने कहा कि मातृशक्ति हर क्षेत्र में मुकाम बना रही है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण उत्तराखंड और बागेश्वर में भी देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष पद पर ऋतु खंडूरी काबिज हैं। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की मंत्री रेखा आर्या हैं।
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उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवतियों और महिलाओंको बेहतर पढ़ाई-लिखाई कर अपराजिता बनने को प्रेरित करते हुए कहा कि आज बागेश्वर जिले की जिलाधिकारी रीना जोशी हैं। डॉ. तिवारी ने कहा कि मातृशक्ति को आगे बढ़ाने के लिए राज्य में महिलाओं को त्रिस्तरीय पंचायत में 50 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ है। महिलाओं के लिए पंचायती राजनीति में भी मुकाम हासिल करने का मौका मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि ज्ञान में काफी शक्ति है। हुनर से ही महिलाएं अपराजिता बन सकती हैं।
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संस्थान की प्रशिक्षक हेमा बिष्ट ने महिलाओं और युवतियों को हुनरमंद बनने की प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने इसी संस्थान से तीन महीने का प्रशिक्षण लिया था, आज इसी संस्थान में अन्य प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दे रही हैं। महिलाएं यदि ठान लें तो किसी भी मुकाम को हासिल कर सकती हैं।
इनसेट
कार्यक्रम में शामिल अपराजिताएं
अनीता पांडेय, रीता आर्या, हिमानी, दीपा असवाल, मनीषा, नीलम बिष्ट, सोनिया आर्या, निशा , साक्षी वानी, गीता देवी, दीपा, ममता भट्ट, अंजू नगरकोटी, गरिमा, करिश्मा, मेघा, मोनिका, प्रियंका नेगी, महकशी आदि।