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अवैध खनन से सरयू की सीना हो रहा छलनी
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बागेश्वर में सरयू नदी में खनन कर एकत्र की गई रेत। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। बरसात का सीजन दहलीज पर है। अवैध खनन से नदियों को तो नुकसान पहुंचता ही है, यह बाढ़ का भी कारक माने जाते हैं लेकिन जिला मुख्यालय में सरयू नदी से लगातार खनन हो रहा है। खनन के कारण नदी में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। अवैध खनन से राजस्व को भी चपत लग रही है।
सरयू में सुबह से रेत खनन का काम शुरू हो जाता है। शाम तक लोग अवैध ढंग से रेत जमा करते रहते हैं। सरयू के किनारे हर समय रेत निकालते लोग देखे जा सकते हैं। यह झुंड के रूप में नदी से खनन करते हैं। खनन के कारण सरयू में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई स्थानों पर रेत के लिए खोदे गए गड्ढों के कारण नदी का बहाव विपरीत दिशा को हो गया है। 15 जून से मानसून काल घोषित हो जाएगा। मानसून काल में रेत खुदान के लिए खोदे गए गड्ढे हादसों का कारण बनते हैं। बरसात में नदी किनारे जाने वाले लोगों के लिए यह गड्ढे किसी खतरे से कम नहीं हैं। बरसात में इन गड्ढों में पानी भर जाता है। लोगों के गड्ढों में गिरने का खतरा रहता है। अवैध खनन से राजस्व की भी चपत लग रही है।
नदी से खनन करने वाले लोगों पर लगातार नजर रखी जाती है। पुलिस भी छापे मारती है। अवैध खनन पर सख्ती के साथ रोक लगाई जाएगी। कोई खनन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- राकेश चंद्र तिवारी, एसडीएम, बागेश्वर।
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सरयू में सुबह से रेत खनन का काम शुरू हो जाता है। शाम तक लोग अवैध ढंग से रेत जमा करते रहते हैं। सरयू के किनारे हर समय रेत निकालते लोग देखे जा सकते हैं। यह झुंड के रूप में नदी से खनन करते हैं। खनन के कारण सरयू में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई स्थानों पर रेत के लिए खोदे गए गड्ढों के कारण नदी का बहाव विपरीत दिशा को हो गया है। 15 जून से मानसून काल घोषित हो जाएगा। मानसून काल में रेत खुदान के लिए खोदे गए गड्ढे हादसों का कारण बनते हैं। बरसात में नदी किनारे जाने वाले लोगों के लिए यह गड्ढे किसी खतरे से कम नहीं हैं। बरसात में इन गड्ढों में पानी भर जाता है। लोगों के गड्ढों में गिरने का खतरा रहता है। अवैध खनन से राजस्व की भी चपत लग रही है।
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नदी से खनन करने वाले लोगों पर लगातार नजर रखी जाती है। पुलिस भी छापे मारती है। अवैध खनन पर सख्ती के साथ रोक लगाई जाएगी। कोई खनन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- राकेश चंद्र तिवारी, एसडीएम, बागेश्वर।