{"_id":"6366aa9a67435863ef221b49","slug":"amarujala-aparajita-in-bageshwar-bageshwar-news-hld481041689","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकसित होते समाज में महिलाओं की चुनौतियां और बढ़ी:मेहता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकसित होते समाज में महिलाओं की चुनौतियां और बढ़ी:मेहता
विज्ञापन
बागेश्वर के जीआईसी वज्यूला में अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं। संवाद
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। विकसित होते समाज में महिलाओं की चुनौतियां और बढ़ी हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए महिलाओं को खुद ही सजग रहना होगा। अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना होगा। राजकीय इंटर कॉलेज वज्यूला में हुए अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में बीईओ कमलेश्वरी मेहता ने यह बात कही।
बीईओ ने कहा कि विभिन्न परिस्थितियों से जूझकर आगे बढ़ने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। समाज में पहले से काफी बदलाव आया है। पहले परिवार में बेटा नहीं है, तो कौन संपत्ति का उपभोग करेगा, जैसी धारणाएं थी। अब यह धारणा बदली है। उन्होंने कहा कि जीवन में कितनी ही बड़ी घटना हो जाए, कोई गलती हो जाए, शर्म और झिझक के कारण छुपानी नहीं चाहिए। महिलाओं का सशक्त होने के लिए जज्बा स्वयं पैदा करना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य दीपक आर्या ने कहा कि आज के समय में महिलाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं। जिले में महिलाएं बड़े-बड़े पदों पर विराजमान हैं। हौसलों को बुलंद रखना चाहिए। कामयाबी अवश्य मिलती है।
विज्ञापन
संचालन करते हुए प्रवक्ता आलोक पांडेय ने सेना में मेजर के पद पर कार्यरत जिले के पालनीकोट निवासी प्रिया पालनी का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि हौसले बुलंद हों तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। इस मौके पर जिला रेडक्रास सोसायटी की ओर से रियूजेवल सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए।
इन लोगों की रही भागेदारी
राजेश्वरी कार्की, पूनम बिष्ट, पूजा टम्टा, भगवती बोरा, ममता रानी, चंद्रावती पांडेय, हिमानी, मेघा कोरंगा, आशा राणा, मुन्नी गोस्वामी, विनीता अल्मिया, कमल कवि कांडपाल, शंभूनाथ आदि।
विज्ञापन
बीईओ ने कहा कि विभिन्न परिस्थितियों से जूझकर आगे बढ़ने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। समाज में पहले से काफी बदलाव आया है। पहले परिवार में बेटा नहीं है, तो कौन संपत्ति का उपभोग करेगा, जैसी धारणाएं थी। अब यह धारणा बदली है। उन्होंने कहा कि जीवन में कितनी ही बड़ी घटना हो जाए, कोई गलती हो जाए, शर्म और झिझक के कारण छुपानी नहीं चाहिए। महिलाओं का सशक्त होने के लिए जज्बा स्वयं पैदा करना होगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य दीपक आर्या ने कहा कि आज के समय में महिलाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं। जिले में महिलाएं बड़े-बड़े पदों पर विराजमान हैं। हौसलों को बुलंद रखना चाहिए। कामयाबी अवश्य मिलती है।
विज्ञापन
संचालन करते हुए प्रवक्ता आलोक पांडेय ने सेना में मेजर के पद पर कार्यरत जिले के पालनीकोट निवासी प्रिया पालनी का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि हौसले बुलंद हों तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। इस मौके पर जिला रेडक्रास सोसायटी की ओर से रियूजेवल सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए।
इन लोगों की रही भागेदारी
राजेश्वरी कार्की, पूनम बिष्ट, पूजा टम्टा, भगवती बोरा, ममता रानी, चंद्रावती पांडेय, हिमानी, मेघा कोरंगा, आशा राणा, मुन्नी गोस्वामी, विनीता अल्मिया, कमल कवि कांडपाल, शंभूनाथ आदि।