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मांगें पूरी न होने पर आंदोलन करेंगे जल संस्थान कर्मी
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बागेश्वर। उत्तराखंड जल संस्थान कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एमके टम्टा को ज्ञापन सौंपा। इसमें लंबित मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। मोर्चा ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारियों की समस्याओं को उठाया जा रहा है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
मोर्चा के जिला संयोजक कुशल सिंह रावत, सहसंयोजक शेखर चंद्र जोशी, सहसंयोजक नवीन चंद्र पांडे ने कहा कि वेतन खाता, राजस्व संग्रह खाता एक न होने के कारण किसी भी महीने समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है जबकि संविदा कर्मियों को महीने की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान हो जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि इससे वेतन संबंधी राशि स्थानांतरण में दिक्कत नहीं होगी और समय से वेतन का भुगतान हो सकेगा। बताया कि कई कर्मचारियों के अवकाश नकदीकरण का भुगतान नहीं हुआ है। कहा कि वर्ष 2016 के सातवें वेतनमान के 50 प्रतिशत एरियर का भुगतान नहीं हुआ है। संगठन ने ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर विभागीय संविदा पर तैनाती, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण का निराकरण, भविष्य निधि की राशि खातों में जमा करने, अप्रैल 2020 से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान करने समेत कई मांगें उठाईं। कहा कि मांगों पर कार्यवाही न होने पर 12 जनवरी से धरना दिया जाएगा।
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मोर्चा के जिला संयोजक कुशल सिंह रावत, सहसंयोजक शेखर चंद्र जोशी, सहसंयोजक नवीन चंद्र पांडे ने कहा कि वेतन खाता, राजस्व संग्रह खाता एक न होने के कारण किसी भी महीने समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है जबकि संविदा कर्मियों को महीने की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान हो जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि इससे वेतन संबंधी राशि स्थानांतरण में दिक्कत नहीं होगी और समय से वेतन का भुगतान हो सकेगा। बताया कि कई कर्मचारियों के अवकाश नकदीकरण का भुगतान नहीं हुआ है। कहा कि वर्ष 2016 के सातवें वेतनमान के 50 प्रतिशत एरियर का भुगतान नहीं हुआ है। संगठन ने ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर विभागीय संविदा पर तैनाती, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण का निराकरण, भविष्य निधि की राशि खातों में जमा करने, अप्रैल 2020 से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान करने समेत कई मांगें उठाईं। कहा कि मांगों पर कार्यवाही न होने पर 12 जनवरी से धरना दिया जाएगा।
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