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बारह घंटे के रेस्क्यू के बाद कुलाऊं के जंगल में मिला करन का शव
अमर उजाला ब्यूरो गरुड़ (बागेश्वर)।
Updated Sat, 24 Mar 2018 11:23 PM IST
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करन
- फोटो : फाइल फोटो
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बारह घंटे के रेस्क्यू के बाद प्रशासन और ग्रामीणों ने तेंदुए का शिकार बने मासूम करन का शव कुलाऊं के जंगल में नाले से बरामद कर लिया। घटना के बाद से मासूम के परिजनों का रो-रो कर बूरा हाल है। राजस्व पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बागेश्वर भेज दिया। इधर तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के लिए डीएफओ ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
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गढ़खेत वन रेंज के हरीनगरी निवासी दीपक राम का तीन वर्षीय पुत्र करन शुक्रवार शाम आंगन में खेल रहा था। इसी बीच घात लगाए बैठा तेंदुआ करन को उठा ले गया। परिजनों और ग्रामीणों ने तेंदुए का पीछा किया लेकिन वह करन को लेकर जंगल में भाग गया। ग्रामीणों, वन विभाग और राजस्व पुलिस ने रात भर हरीनगरी और कुलाऊं के जंगल छाने लेकिन करन का कुछ पता नहीं चल सका।
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करन का क्षत-विक्षत शव शनिवार सुबह कुलाऊं के जंगल के नाले में मिला। घटना की सूचना पर हरीनगरी पहुंचे डीएफओ आरके सिंह ने प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता के तौर पर 25 हजार रुपये नकद दिए हैं। डीएफओ ने बताया कि तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिख दिया गया है।
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उन्होंन कहा कि प्रभावित परिवार को विभाग की ओर से तीन लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने वन रेंजर गढ़खेत को गांव में शनिवार को ही पिंजरा लगाने के निर्देश दिए। घटना के बाद हरीनगरी, कुलाऊं, भिलकोट, पप्या, अमस्यारी, घेटी, समगढ़ी, मवई, गौगांव बूंगा आदि गांवों के ग्रामीण भयभीत हैं।
हरीनगरी के प्रधान लक्ष्मण राम, भाजपा मंडल अध्यक्ष मंगल राणा, जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र, भाजपा नेता त्रिलोक बुटौला ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर तेंदुए को पकड़ा या मारा नहीं गया तो ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे।