{"_id":"618c08ddfbecbd4e2e7985be","slug":"admission-in-sos-bheemtal-bageshwar-news-hld4441302185","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापता गाइड के बच्चों की परवरिश और शिक्षा की जिम्मेदारी उठाएगा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापता गाइड के बच्चों की परवरिश और शिक्षा की जिम्मेदारी उठाएगा प्रशासन
विज्ञापन
Admission in SOS Bheemtal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। सुंदरढूंगा ग्लेशियर में लापता हुए गाइड खिलाफ सिंह के अनाथ बच्चों की परवरिश और शिक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन उठाएगा। गाइड के तीनों बच्चों को सेव अवर सोल (एसओएस) भीमताल भेजने की तैयारी चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही बच्चे एसओएस परिवार का हिस्सा बन जाएंगे।
वाछम गांव के जैंकुनी निवासी खिलाफ सिंह गाइड का काम कर अपना और तीन बच्चों का भरण पोषण करते थे। 12 अक्तूबर को वे बंगाल के पांच ट्रैकरों को लेकर सुंदरढूंगा ग्लेशियर गए थे। 17 से हुई भारी बर्फबारी के कारण पांचों ट्रैकरों की मौत हो गई और खिलाफ सिंह लापता हो गए।
प्रशासन की ओर से 21 से 25 अक्तूबर तक चले सर्च अभियान में ट्रैकरों के शव तो मिले लेकिन खिलाफ सिंह का पता नहीं चल सका। परिजनों और ग्रामीणों ने गाइड को मृतक मानते हुए उनका अंतिम क्रियाकर्म संपन्न करा दिया था।
विज्ञापन
हादसे के बाद खिलाफ की बड़ी बेटी खष्टी, बेटा गोलू और सबसे छोटी बेटी अनाथ हो गए। जिनकी शिक्षा, पालन-पोषण के लिए परिजनों ने प्रशासन से मांग की थी। स्कूल से बच्चों की टीसी प्राप्त कर प्रशासन ने एसओएस में बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू करा दी है। जल्द ही बच्चों को भीमताल भेज दिया जाएगा।
गाइड खिलाफ सिंह के परिजनों ने बच्चों की परवरिश की समस्या प्रशासन के सामने रखी थी। तीनों अनाथ बच्चों को एसओएस भीमताल भेजने की प्रक्रिया चल रही है। जहां रहकर वे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे।
पारितोष वर्मा, एसडीएम कपकोट।
विज्ञापन
वाछम गांव के जैंकुनी निवासी खिलाफ सिंह गाइड का काम कर अपना और तीन बच्चों का भरण पोषण करते थे। 12 अक्तूबर को वे बंगाल के पांच ट्रैकरों को लेकर सुंदरढूंगा ग्लेशियर गए थे। 17 से हुई भारी बर्फबारी के कारण पांचों ट्रैकरों की मौत हो गई और खिलाफ सिंह लापता हो गए।
विज्ञापन
प्रशासन की ओर से 21 से 25 अक्तूबर तक चले सर्च अभियान में ट्रैकरों के शव तो मिले लेकिन खिलाफ सिंह का पता नहीं चल सका। परिजनों और ग्रामीणों ने गाइड को मृतक मानते हुए उनका अंतिम क्रियाकर्म संपन्न करा दिया था।
विज्ञापन
हादसे के बाद खिलाफ की बड़ी बेटी खष्टी, बेटा गोलू और सबसे छोटी बेटी अनाथ हो गए। जिनकी शिक्षा, पालन-पोषण के लिए परिजनों ने प्रशासन से मांग की थी। स्कूल से बच्चों की टीसी प्राप्त कर प्रशासन ने एसओएस में बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू करा दी है। जल्द ही बच्चों को भीमताल भेज दिया जाएगा।
गाइड खिलाफ सिंह के परिजनों ने बच्चों की परवरिश की समस्या प्रशासन के सामने रखी थी। तीनों अनाथ बच्चों को एसओएस भीमताल भेजने की प्रक्रिया चल रही है। जहां रहकर वे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे।
पारितोष वर्मा, एसडीएम कपकोट।