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Bageshwar News: बैसाखी पर बागनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
Tue, 14 Apr 2026 10:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 14 Apr 2026 10:52 PM IST
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बागेश्वर। विषुवत संक्रांति यानि बैसाखी पर बागनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा। दोपहर तक मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों को भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लाइन लगाकर लंबा इंतजार करना पड़ा।
मंगलवार को सूर्योदय से पहले ही मंदिर में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। सात बजे से मंदिर में श्रद्धालुओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी जो दिन चढ़ने के साथ बढ़ती चली गई। दोपहर तक मंदिर के मुख्य गेट से मंदिर के निकासी द्वार तक भक्ताें की लाइन लगी रही।
श्रद्धालुओं ने शिवलिंग में जलाभिषेक के साथ-साथ मंदिर परिसर में बैठे पुरोहितों और पंडितों से सुख-शांति की कामना के साथ पूजापाठ कराया। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नंदन रावल और पुजारी संजय रावल ने बताया कि मंदिर में उम्मीद के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। किसी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए पुलिस ने परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
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चांदी के वाम पाद का किया दान
बैसाखी पर्व पर ग्रहों की शांति के लिए विशेष दान-पुण्य किया जाता है। पंडित कैलाश उपाध्याय ने बताया कि नव संवत्सर के दिन लोगों का पूरा वर्षफल देखा जाता है। इसमें विषुवत संक्रांति के पैट-अपैट का भी विचार किया जाता है। अपैट वाले लोग इस दिन ग्रहों की शांति के लिए पूजा-अर्चना कराकर चांदी के वाम पाद का दान करते हैं। ग्रहों की शांति के लिए की जाने वाली पूजा और दान के कारण भी मंदिर में भारी भीड़ हो ही है। बैसाखी पर्व से ही गर्मियों के सहालग सीजन और शुभ कार्यों का आगाज होता है।
मंगलवार को सूर्योदय से पहले ही मंदिर में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। सात बजे से मंदिर में श्रद्धालुओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी जो दिन चढ़ने के साथ बढ़ती चली गई। दोपहर तक मंदिर के मुख्य गेट से मंदिर के निकासी द्वार तक भक्ताें की लाइन लगी रही।
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श्रद्धालुओं ने शिवलिंग में जलाभिषेक के साथ-साथ मंदिर परिसर में बैठे पुरोहितों और पंडितों से सुख-शांति की कामना के साथ पूजापाठ कराया। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नंदन रावल और पुजारी संजय रावल ने बताया कि मंदिर में उम्मीद के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। किसी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए पुलिस ने परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
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चांदी के वाम पाद का किया दान
बैसाखी पर्व पर ग्रहों की शांति के लिए विशेष दान-पुण्य किया जाता है। पंडित कैलाश उपाध्याय ने बताया कि नव संवत्सर के दिन लोगों का पूरा वर्षफल देखा जाता है। इसमें विषुवत संक्रांति के पैट-अपैट का भी विचार किया जाता है। अपैट वाले लोग इस दिन ग्रहों की शांति के लिए पूजा-अर्चना कराकर चांदी के वाम पाद का दान करते हैं। ग्रहों की शांति के लिए की जाने वाली पूजा और दान के कारण भी मंदिर में भारी भीड़ हो ही है। बैसाखी पर्व से ही गर्मियों के सहालग सीजन और शुभ कार्यों का आगाज होता है।