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शंकराचार्य ने की थी काली मंदिर की स्थापना
Bageshwar
Updated Sun, 05 Oct 2014 05:34 AM IST
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कांडा (बागेेश्वर)। मां काली के मंदिर में शुक्रवार को नवमी के मौके पर मेला लगेगा। ऐतिहासिक काली मंदिर की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। लोक मान्यता है कि इस क्षेत्र में तब काल का भारी आतंक था, वह हर साल एक व्यक्ति की जान लेता था। बताते हैं कि आदि गुरु शंकराचार्य कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले। उन्होंने यहां कांडा पड़ाव में रात में विश्राम किया। स्थानीय लोगों ने शंकराचार्य को काल की समस्या के बारे में बताया और मुक्ति दिलाने के लिए याचना की। शंकराचार्य ने स्थानीय लोहार से लोहे की नौ कढ़ाहियां बनवाई। अपने तप के प्रभाव से काल को कढ़ाहियाें के नीचे दबा दिया। स्थानीय लोगों की मदद से कढ़ाहियों के ऊपर विशाल शिला रख दी। बाद में वहां पद्म के पेड़ के नीचे आदि गुरु शंकराचार्य ने काली का मंदिर स्थापित कर दिया। तब से यहां काल का असर खत्म हुआ और सुख समृद्धि लौट आई। इस स्थान पर तभी से नवरात्र की पूजा होती है। दशमी पर भव्य मेला लगता है। कुछ साल पूर्व तक यहां पशु बलि होती थी, यह परंपरा अब खत्म हो गई है।
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