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एक सप्ताह से बंद पड़ा सरकारी स्कूल बवुरियानायल
Bageshwar
Updated Mon, 13 Jan 2014 05:51 AM IST
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धौलछीना। भैंसियाछाना ब्लाक के प्राथमिक स्कूल बवुरिया नायल एक सप्ताह से बंद पड़ा है। बच्चे कड़ाके की ठंड में रोज स्कूल पहुंच रहे हैं लेकिन शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि एक शिक्षिका प्रसव अवकाश पर है जबकि प्रधानाध्यापिका पिछली छह जनवरी से स्कूल नहीं आ रही है।
पर्वतीय क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था राम भरोसे है। कहीं स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं तो जहां शिक्षक हैं वहां वह स्कूल जाने की बजाए छुट्टी में रहना ज्यादा पसंद करते हैं। भैंसियाछाना ब्लाक में बवुरियानायल स्कूल शिक्षकों के ड्यूटी में नहीं आने के कारण बंद पड़ा है। प्राथमिक स्कूल बवुरियानायल में दो शिक्षिकाएं हैं। एक सहायक अध्यापिका प्रसव अवकाश में चल रही है जबकि प्रधानाध्यापिका छह जनवरी से स्कूल नहीं आ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उक्त प्रधानाध्यापिका ने दो माह पहले ही विद्यालय में ज्वॉइन किया लेकिन छह जनवरी से वह स्कूल नहीं आ रही हैं। कड़ाके की ठंड में बच्चे रोज स्कूल आते हैं लेकिन स्कूल नहीं खुलने के कारण बच्चे निराश होकर वापस अपने घरों को लौट जाते हैं।
सड़क से तीन किमी दूर स्थित इस विद्यालय में कक्षाएं नहीं चलने के कारण बच्चों का भविष्य अंधकारमय बना है। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष अमर सिंह, डुंगर सिंह, हरक सिंह, प्रताप जीना, व्यापार मंडल महासचिव चंदन सिंह मेहरा ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में कई बार खंड शिक्षाधिकारी को जानकारी दी गई। उन्होंने व्यवस्था ठीक करने की बात कही थी लेकिन अब तक स्कूल नहीं खुला। उन्होंने 13 जनवरी तक स्कूल नहीं खुलने पर खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में तालाबंदी करने की चेतावनी दी है। खंड शिक्षा अधिकारी राय साहब यादव ने कहा कि सोमवार से विद्यालय में शिक्षक की व्यवस्था कर दी जाएगी।
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पर्वतीय क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था राम भरोसे है। कहीं स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं तो जहां शिक्षक हैं वहां वह स्कूल जाने की बजाए छुट्टी में रहना ज्यादा पसंद करते हैं। भैंसियाछाना ब्लाक में बवुरियानायल स्कूल शिक्षकों के ड्यूटी में नहीं आने के कारण बंद पड़ा है। प्राथमिक स्कूल बवुरियानायल में दो शिक्षिकाएं हैं। एक सहायक अध्यापिका प्रसव अवकाश में चल रही है जबकि प्रधानाध्यापिका छह जनवरी से स्कूल नहीं आ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उक्त प्रधानाध्यापिका ने दो माह पहले ही विद्यालय में ज्वॉइन किया लेकिन छह जनवरी से वह स्कूल नहीं आ रही हैं। कड़ाके की ठंड में बच्चे रोज स्कूल आते हैं लेकिन स्कूल नहीं खुलने के कारण बच्चे निराश होकर वापस अपने घरों को लौट जाते हैं।
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सड़क से तीन किमी दूर स्थित इस विद्यालय में कक्षाएं नहीं चलने के कारण बच्चों का भविष्य अंधकारमय बना है। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष अमर सिंह, डुंगर सिंह, हरक सिंह, प्रताप जीना, व्यापार मंडल महासचिव चंदन सिंह मेहरा ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में कई बार खंड शिक्षाधिकारी को जानकारी दी गई। उन्होंने व्यवस्था ठीक करने की बात कही थी लेकिन अब तक स्कूल नहीं खुला। उन्होंने 13 जनवरी तक स्कूल नहीं खुलने पर खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में तालाबंदी करने की चेतावनी दी है। खंड शिक्षा अधिकारी राय साहब यादव ने कहा कि सोमवार से विद्यालय में शिक्षक की व्यवस्था कर दी जाएगी।
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