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खुली बैठकों के जरिए तय हाें बीपीएल सूचियां : षणमुगम
Bageshwar
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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बागेश्वर। कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियाें की बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डा. वी षणमुगम ने कहा कि बीपीएल सूचियों से अपात्र लोगों के नाम हटाने तथा पात्रों के नाम जोड़ने के लिए ग्राम स्तर पर खुली बैठकें कराई जाएंगी। नई बीपीएल सूचियों की उच्चस्तरीय जांच भी की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन ने बीपीएल सूचियों के निर्माण के लिए ग्राम सभा की खुली बैठकें कराने के निर्देश दिए हैं, बीपीएल के चयन में पूरी पारदर्शिता बरतने की जरूरत है। उन्हाेंने कहा कि खुली बैठकों के जरिए पात्र लोगोें के नाम सूचियों में अंकित किए जाने चाहिए। अपात्र और संपन्न लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए। उन्हाेंने कहा कि कुछ ठेकेदारों के नाम भी बीपीएल सूचियाें में अंकित होने की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों में विभागों से ठेकेदारों की सूची प्राप्त करके उनके हैसियत प्रमाण पत्र देखे जाएंगे। दायरे में नहीं आने वालों के नाम हटा दिए जाएंगे। उन्हाेंने कहा कि बैठकों के जरिए नाम जोड़ने, हटाने की प्रक्रिया आज से ही शुरू की जानी है। पांच दिसंबर तक आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। अगले साल 20 जनवरी तक ग्र्र्र्राम और तहसील स्तर पर, 15 फरवरी तक जिला स्तर पर आपत्तियों का निस्तारण होगा। अंतिम रूप से संसोधित सूची 20 मार्च तक ग्राम्य विभाग अभिकरण निदेशालय को भेज दी जाएगी। उन्हाेंने खंड विकास अधिकारियाें और जिलाधिकारियाें को बीपीएल सर्वे के राजस्व कर्मियों तथा ग्राम विकास अधिकारियों की बैठकों में टीमें बनाकर रोस्टर के आधार पर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती, एसडीएम तीरथपाल सिंह, कैलाश सिंह टोलिया, बीडीओ जीएस गड़िया, हिमांशु जोशी, केएन तिवारी, डीआरडीए के परियोजना निदेशक बीर सिंह आदि उपस्थित थे।
सीडीओ करेंगे सूचियों की जांच
बागेश्वर। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि बीपीएल सूचियां बनने के बाद उच्च स्तरीय समिति उनकी जांच भी करेगी। इस समिति में सीडीओ, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक शामिल होंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन ने बीपीएल सूचियों के निर्माण के लिए ग्राम सभा की खुली बैठकें कराने के निर्देश दिए हैं, बीपीएल के चयन में पूरी पारदर्शिता बरतने की जरूरत है। उन्हाेंने कहा कि खुली बैठकों के जरिए पात्र लोगोें के नाम सूचियों में अंकित किए जाने चाहिए। अपात्र और संपन्न लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए। उन्हाेंने कहा कि कुछ ठेकेदारों के नाम भी बीपीएल सूचियाें में अंकित होने की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों में विभागों से ठेकेदारों की सूची प्राप्त करके उनके हैसियत प्रमाण पत्र देखे जाएंगे। दायरे में नहीं आने वालों के नाम हटा दिए जाएंगे। उन्हाेंने कहा कि बैठकों के जरिए नाम जोड़ने, हटाने की प्रक्रिया आज से ही शुरू की जानी है। पांच दिसंबर तक आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। अगले साल 20 जनवरी तक ग्र्र्र्राम और तहसील स्तर पर, 15 फरवरी तक जिला स्तर पर आपत्तियों का निस्तारण होगा। अंतिम रूप से संसोधित सूची 20 मार्च तक ग्राम्य विभाग अभिकरण निदेशालय को भेज दी जाएगी। उन्हाेंने खंड विकास अधिकारियाें और जिलाधिकारियाें को बीपीएल सर्वे के राजस्व कर्मियों तथा ग्राम विकास अधिकारियों की बैठकों में टीमें बनाकर रोस्टर के आधार पर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती, एसडीएम तीरथपाल सिंह, कैलाश सिंह टोलिया, बीडीओ जीएस गड़िया, हिमांशु जोशी, केएन तिवारी, डीआरडीए के परियोजना निदेशक बीर सिंह आदि उपस्थित थे।
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सीडीओ करेंगे सूचियों की जांच
बागेश्वर। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि बीपीएल सूचियां बनने के बाद उच्च स्तरीय समिति उनकी जांच भी करेगी। इस समिति में सीडीओ, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक शामिल होंगे।
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