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आदर्श विद्यालयों की सेहत सुधारने को चाहिए 1.75 करोड़ रुपये
Updated Wed, 01 Nov 2017 10:47 PM IST
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बागेश्वर। पटरी से उतर रही शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जिले में खोले गए 15 आदर्श विद्यालयों में से किसी भी विद्यालय में मानक पूरे नहीं हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी तो है ही, बच्चों के बैठने के लिए उचित फर्नीचर भी नहीं है। अधिकांश विद्यालयों में सुरक्षित भवन व सुरक्षा के लिए चहारदीवारी भी नहीं है। शिक्षा विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव के अनुसार विद्यालयों में तमाम व्यवस्थाओं के लिए लगभग 1.75 करोड़ रुपये की जरूरत है।
बागेश्वर जिले में छह आदर्श राजकीय प्राथमिक विद्यालय, तीन आदर्श राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय और छह आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज हैं। इन सभी विद्यालयों में शिक्षकों के 49 पद रिक्त हैं। विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की अच्छी व्यवस्था, सुरक्षित छत, चहारदीवारी, खेल सामग्री, पुस्तकालय, कंप्यूटर, पंखे सहित अन्य जरूरी सामान भी नहीं है।
ऐसे में इन विद्यालयों में भी छात्र-छात्राएं अधूरी व्यवस्थाओं के बीच पठन-पाठन करने को मजबूर हैं। पिछले दिनों डीएम रंजना ने समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों की आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे।
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इस प्रस्ताव के तहत पेयजल व्यवस्था समेत अन्य जरूरतों के लिए छह आदर्श प्राथमिक विद्यालयों को 55.45 लाख, तीन आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 31.18 लाख और छह आदर्श इंटर कालेजों को 88.24 लाख रुपये की जरूरत है।
आदर्श विद्यालयों में शिक्षकों सहित जो भी कमियां हैं, उनको दूर करने के लिए प्रयास हो रहे हैं। आदर्श स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर, खेलकूद का सामान और पेयजल प्राथमिकता में है। सीएसआर के माध्यम से स्कूलों को जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। जहां पर कमी होगी उसके लिए मैं स्वयं अपनी निधि से धन दूंगी।
- रंजना, जिलाधिकारी, बागेश्वर।
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बागेश्वर जिले में छह आदर्श राजकीय प्राथमिक विद्यालय, तीन आदर्श राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय और छह आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज हैं। इन सभी विद्यालयों में शिक्षकों के 49 पद रिक्त हैं। विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की अच्छी व्यवस्था, सुरक्षित छत, चहारदीवारी, खेल सामग्री, पुस्तकालय, कंप्यूटर, पंखे सहित अन्य जरूरी सामान भी नहीं है।
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ऐसे में इन विद्यालयों में भी छात्र-छात्राएं अधूरी व्यवस्थाओं के बीच पठन-पाठन करने को मजबूर हैं। पिछले दिनों डीएम रंजना ने समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों की आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे।
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इस प्रस्ताव के तहत पेयजल व्यवस्था समेत अन्य जरूरतों के लिए छह आदर्श प्राथमिक विद्यालयों को 55.45 लाख, तीन आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 31.18 लाख और छह आदर्श इंटर कालेजों को 88.24 लाख रुपये की जरूरत है।
आदर्श विद्यालयों में शिक्षकों सहित जो भी कमियां हैं, उनको दूर करने के लिए प्रयास हो रहे हैं। आदर्श स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर, खेलकूद का सामान और पेयजल प्राथमिकता में है। सीएसआर के माध्यम से स्कूलों को जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। जहां पर कमी होगी उसके लिए मैं स्वयं अपनी निधि से धन दूंगी।
- रंजना, जिलाधिकारी, बागेश्वर।