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भौगोलिक सूचना प्रणाली से लैस होगा बागेश्वर जिला
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:29 PM IST
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बागेश्वर। जिले में भौगोलिक सूचना प्रणाली सेल विकसित किया जाएगा। इससे आपदा प्रबंधन, शहरी नियोजन, भू आंकलन योजना, वनाग्नि प्रबंधन, संसाधन मानचित्र निर्माण में मदद मिलेगी। योजनाओं का क्रियान्वयन और निगरानी आसान होगी। जिले को इस सूचना प्रणाली से लैस करने की कवायद शुरू हो गई है।
भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआइएस) के तहत बागेश्वर में इस प्रणाली का सेल गठित किया जाना है। जिले के सभी संसाधनों को वर्गीकृत कर उनका डेटाबेस तैयार किया जाएगा। महज एक क्लिक पर सारी जानकारी सामने होगी। इन दिनों प्रशासनिक स्तर पर जिले को जीआईएस से लैस करने की कवायद चल रही है। इस प्रणाली से लैस होने के बाद आपदा प्रबंधन, शहरी नियोजन, भू-आंकलन योजना, वनाग्नि प्रबंधन, संसाधनों के मानचित्र का निर्माण आदि कार्य सरलता से होगा। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी भी आसान हो जाएगी।
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी देवेंद्र नाथ गोस्वामी का कहना है कि इस प्रौद्योगिकी का प्रयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, संसाधन प्रबंधन, संपत्ति प्रबंधन, पुरातात्विक कार्य, शहरीकरण विश्लेषण, अपराध विज्ञान, पर्यावरण में होता है। प्रणाली से भावी नियोजन में मदद मिलेगी और आपदा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों का आसानी से चयन किया जा सकेगा।
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20 अगस्त तक प्रणाली से लैस होगा जिला
बागेश्वर। जिला 20 अगस्त तक जीआईएस प्रणाली से लैस हो जाएगा। बृहस्पतिवार को डीएम रंजना राजगुरु ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली और 20 अगस्त तक सेल गठित करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ एसएस पांगती, एडीएम राहुल कुमार गोयल, डीडीओ केएन तिवारी, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर रोहित बहुगुणा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी देवेंद्र नाथ गोस्वामी आदि थे।
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भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआइएस) के तहत बागेश्वर में इस प्रणाली का सेल गठित किया जाना है। जिले के सभी संसाधनों को वर्गीकृत कर उनका डेटाबेस तैयार किया जाएगा। महज एक क्लिक पर सारी जानकारी सामने होगी। इन दिनों प्रशासनिक स्तर पर जिले को जीआईएस से लैस करने की कवायद चल रही है। इस प्रणाली से लैस होने के बाद आपदा प्रबंधन, शहरी नियोजन, भू-आंकलन योजना, वनाग्नि प्रबंधन, संसाधनों के मानचित्र का निर्माण आदि कार्य सरलता से होगा। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी भी आसान हो जाएगी।
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जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी देवेंद्र नाथ गोस्वामी का कहना है कि इस प्रौद्योगिकी का प्रयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, संसाधन प्रबंधन, संपत्ति प्रबंधन, पुरातात्विक कार्य, शहरीकरण विश्लेषण, अपराध विज्ञान, पर्यावरण में होता है। प्रणाली से भावी नियोजन में मदद मिलेगी और आपदा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों का आसानी से चयन किया जा सकेगा।
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20 अगस्त तक प्रणाली से लैस होगा जिला
बागेश्वर। जिला 20 अगस्त तक जीआईएस प्रणाली से लैस हो जाएगा। बृहस्पतिवार को डीएम रंजना राजगुरु ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली और 20 अगस्त तक सेल गठित करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ एसएस पांगती, एडीएम राहुल कुमार गोयल, डीडीओ केएन तिवारी, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर रोहित बहुगुणा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी देवेंद्र नाथ गोस्वामी आदि थे।