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जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर गरम हुए आयुक्त
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:24 AM IST
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बागेश्वर। जिला अस्पताल की अव्यवस्थाएं देख कुमाऊं आयुक्त आग बबूला हो गए। उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए अस्पताल प्रशासन को सप्ताह भर की मोहलत दी है। आयुक्त ने सीडीओ और एडीएम को एक सप्ताह बाद व्यवस्थाओं की जांच आख्या भी तलब की है।
बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे कुमाऊं आयुक्त ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। बाहरी परिसर के निरीक्षण के दौरान बेतरतीबी से लगाए गए होर्डिंग्स, बैनर, वाहनों की पार्किंग, गंदगी मिली। अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं की निर्देशिका नहीं मिली। मरीज इधर से उधर भटकते पाए गए। उन्होंने पूछताछ कक्ष के बारे में पूछा। पता चला कि अस्पताल में पूछताछ कक्ष ही नहीं है। पर्ची काउंटर की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। दवा वितरण केंद्र और स्टोर में उपलब्धता का ब्योरा नहीं मिला। ओपीडी आदि सेवा कक्षों के बाहर मरीजों, तीमारदारों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं थी। बिजली प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। शौचालय भी बदहाल मिले।
ऑपरेशन थिएटर में पाया कि ओटी सेवा का समुचित उपयोग नहीं हो रहा। सुविधा के इतर ऑपरेशन की संख्या काफी कम थी। ट्रॉमा सेंटर उपकरणों के अभाव में सफेद हाथी साबित हो रहा है। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने मरीजों और तीमारदारों से बातचीत भी की। अस्पताल की दुर्गत पर उन्होंने एक सप्ताह के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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सीएमएस के कार्यालय में मिली गंदगी
आयुक्त अस्पताल में पटरी से उतरी सफाई व्यवस्था पर बेहद तल्ख नजर आए। अस्पताल के अंदर, बाहर गंदगी की भरमार मिली। इतना ही नहीं, सीएमएस का कार्यालय भी गंदगी से अछूता नहीं मिला। कार्यालय में गंदगी के साथ ही अव्यवस्थाएं मिली। इसको लेकर उन्होंने सीएमएस को कठोर शब्दों में चेताया।
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बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे कुमाऊं आयुक्त ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। बाहरी परिसर के निरीक्षण के दौरान बेतरतीबी से लगाए गए होर्डिंग्स, बैनर, वाहनों की पार्किंग, गंदगी मिली। अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं की निर्देशिका नहीं मिली। मरीज इधर से उधर भटकते पाए गए। उन्होंने पूछताछ कक्ष के बारे में पूछा। पता चला कि अस्पताल में पूछताछ कक्ष ही नहीं है। पर्ची काउंटर की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। दवा वितरण केंद्र और स्टोर में उपलब्धता का ब्योरा नहीं मिला। ओपीडी आदि सेवा कक्षों के बाहर मरीजों, तीमारदारों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं थी। बिजली प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। शौचालय भी बदहाल मिले।
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ऑपरेशन थिएटर में पाया कि ओटी सेवा का समुचित उपयोग नहीं हो रहा। सुविधा के इतर ऑपरेशन की संख्या काफी कम थी। ट्रॉमा सेंटर उपकरणों के अभाव में सफेद हाथी साबित हो रहा है। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने मरीजों और तीमारदारों से बातचीत भी की। अस्पताल की दुर्गत पर उन्होंने एक सप्ताह के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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सीएमएस के कार्यालय में मिली गंदगी
आयुक्त अस्पताल में पटरी से उतरी सफाई व्यवस्था पर बेहद तल्ख नजर आए। अस्पताल के अंदर, बाहर गंदगी की भरमार मिली। इतना ही नहीं, सीएमएस का कार्यालय भी गंदगी से अछूता नहीं मिला। कार्यालय में गंदगी के साथ ही अव्यवस्थाएं मिली। इसको लेकर उन्होंने सीएमएस को कठोर शब्दों में चेताया।