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शिव चर्तुदशी पर भक्तों से झूम उठे देवालय
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:19 PM IST
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बागेश्वर।
शिव चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा और भक्ति पूर्वक मनाया गया। इस मौके पर शिवालयों और कालभैरवनाथ के मंदिरों में श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने बागनाथ, कालभैरवनाथ और बाणेश्वर मंदिरों में हर हर महादेव के घोष के साथ जलाभिषेक किया।
शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त से नगर के पौराणिक बागनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू और गोमती के संगम पर हर हर महादेव के घोष के साथ डुबकी लगाई। उन्होंने भगवान बागनाथ, कालभैरव और बाणेश्वर भगवान के मंदिर में जलाभिषेक किया। रुद्री पाठ, दान कर पुण्य कमाया।
श्रद्धालुओं ने अपनी मनौती पूरी होने पर मंदिर में बागनाथ जी को सफेद वस्त्र, चावल, फल, मिठाई, फल, बतासे और दक्षिणा, कालभैरवनाथ को काला कपड़ा,तैल, खिचड़ी, मिठाई फल और दक्षिणा भेेंट की। पुजारी रावल और गोस्वामी परिवार ने श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा। उधर कपकोट, कांडा और नाकुरी और काफलीगैर तहसील स्थित शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लगा रहा।
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बलि देने के लिए लायी गई बकरियां लौटाई
बागेश्वर। सुप्रीम कोर्ट ने नगर के पौराणिक कालभैरव नाथ के मंदिर में बकरियों की बालि पर रोक लगाई है। शिव चतुर्दशी के मौके पर शनिवार को अपनी मनौती पूरी होने पर अनेक श्रद्धालु बकरियों को बलिदान के लिए लाए थे। मंदिर में पुलिस का सुबह से ही कड़ा पहरा था। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा अर्चना की। श्रद्धालु मंदिर में बकरियों का बलि देना चाहते थे। पुलिस ने इन श्रद्धालुओं को समझा बुझाकर बकरियों को वापस ले जाने की अपील की। श्रद्धालु मंदिर की परिक्रमा करके बकरियों को बलि देने के लिए परिसर से दूर ले गए।
शिव चतुर्दशी का पर्व श्रद्धा और भक्ति पूर्वक मनाया गया। इस मौके पर शिवालयों और कालभैरवनाथ के मंदिरों में श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने बागनाथ, कालभैरवनाथ और बाणेश्वर मंदिरों में हर हर महादेव के घोष के साथ जलाभिषेक किया।
शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त से नगर के पौराणिक बागनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू और गोमती के संगम पर हर हर महादेव के घोष के साथ डुबकी लगाई। उन्होंने भगवान बागनाथ, कालभैरव और बाणेश्वर भगवान के मंदिर में जलाभिषेक किया। रुद्री पाठ, दान कर पुण्य कमाया।
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श्रद्धालुओं ने अपनी मनौती पूरी होने पर मंदिर में बागनाथ जी को सफेद वस्त्र, चावल, फल, मिठाई, फल, बतासे और दक्षिणा, कालभैरवनाथ को काला कपड़ा,तैल, खिचड़ी, मिठाई फल और दक्षिणा भेेंट की। पुजारी रावल और गोस्वामी परिवार ने श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा। उधर कपकोट, कांडा और नाकुरी और काफलीगैर तहसील स्थित शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लगा रहा।
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बलि देने के लिए लायी गई बकरियां लौटाई
बागेश्वर। सुप्रीम कोर्ट ने नगर के पौराणिक कालभैरव नाथ के मंदिर में बकरियों की बालि पर रोक लगाई है। शिव चतुर्दशी के मौके पर शनिवार को अपनी मनौती पूरी होने पर अनेक श्रद्धालु बकरियों को बलिदान के लिए लाए थे। मंदिर में पुलिस का सुबह से ही कड़ा पहरा था। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा अर्चना की। श्रद्धालु मंदिर में बकरियों का बलि देना चाहते थे। पुलिस ने इन श्रद्धालुओं को समझा बुझाकर बकरियों को वापस ले जाने की अपील की। श्रद्धालु मंदिर की परिक्रमा करके बकरियों को बलि देने के लिए परिसर से दूर ले गए।