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गुस्साए बिलेख के ग्रामीणों का चुनाव बहिष्कार का ऐलान
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बागेश्वर। सड़क की मांग करते-करते थक चुके बिलेख ग्रामीणों ने लोक सभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते कई वर्षों से बिलेख गांव को सड़क से जोड़े जाने की मांग को लेकर आंदोलन किए जाते रहे हैं। रवाईखाल-बुड़गड़-थकलाड़ मोटर मार्ग निर्माण के लिए क्षेत्र की जनता लगातार संघर्ष कर रही है लेकिन हर बार उन्हें झूठे आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं मिला।
जिला पंचायत सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि बिलेख तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से मिलकर उन्हें ज्ञापन दिए गए। लोनिवि के अधिकारियों से भी आग्रह किया गया लेकिन सड़क नहीं बनी। ग्रामीणों ने एक बैठक कर लोक सभा चुुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया है।
गांव में पर्यटन रोजगार की संभावना
बिलेख गांव प्राकृतिक संपदा से भरपूर है। ग्रामीण बताते हैं कि गांव में सड़क आने के बाद यहां के युवा बेरोजगार पर्यटन से रोजगार पैदा कर सकते हैं। बिलेख में शाक सब्जी और फल होते हैं लेकिन सड़क के अभाव में किसान उसे बाजार तक नहीं ला पाते हैं।
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गांव से हो रहा है पलायन
बिलेख गांव को यातायात सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीण बाहरी जिलों में पलायन कर रहे हैं। जिपं सदस्य मनोज कुमार व सामाजिक कार्यकर्ता सुनील चन्याल बताते हैं कि गांव के अधिकांश ग्रामीण पलायन कर चुके हैं। यदि जल्द गांव को सड़क से नहीं जोड़ा गया तो बचे परिवार भी पलायन कर सकते हैं।
शासनादेश के तीन साल बाद भी तोलबुधानी में शुरू नहीं हुआ सड़क निर्माण
मानिला (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे के अंतर्गत ग्राम सभा तोलबुधानी में शासनादेश होने के बाद भी सड़क नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। कहा कि गांव के शहीद हरि सिंह के नाम पर वर्ष 2016 में सरकार ने रतखाल बाजार से शहीद हरि सिंह के गांव तक सड़क बनाने का शासनादेश जारी किया था लेकिन तीन वर्ष बाद भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ।
प्रधान हेमा देवी ने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अस्पताल, बैंक, स्कूल आदि स्थानों को आने जाने में दिक्कतें होती हैं। ग्रामीणों की समस्याओं को अब तक की सरकारों ने नजरअंदाज किया वहां हेमंत सिंह, आनंद सिंह, हिम्मत सिंह, गोधन सिंह, किशन सिंह, नंदी देवी, भगा देवी, बालम सिंह, जमुना देवी, प्रतिमा देवी, मीना देवी, पुष्पा देवी आदि थे।
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जिला पंचायत सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि बिलेख तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से मिलकर उन्हें ज्ञापन दिए गए। लोनिवि के अधिकारियों से भी आग्रह किया गया लेकिन सड़क नहीं बनी। ग्रामीणों ने एक बैठक कर लोक सभा चुुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया है।
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गांव में पर्यटन रोजगार की संभावना
बिलेख गांव प्राकृतिक संपदा से भरपूर है। ग्रामीण बताते हैं कि गांव में सड़क आने के बाद यहां के युवा बेरोजगार पर्यटन से रोजगार पैदा कर सकते हैं। बिलेख में शाक सब्जी और फल होते हैं लेकिन सड़क के अभाव में किसान उसे बाजार तक नहीं ला पाते हैं।
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गांव से हो रहा है पलायन
बिलेख गांव को यातायात सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीण बाहरी जिलों में पलायन कर रहे हैं। जिपं सदस्य मनोज कुमार व सामाजिक कार्यकर्ता सुनील चन्याल बताते हैं कि गांव के अधिकांश ग्रामीण पलायन कर चुके हैं। यदि जल्द गांव को सड़क से नहीं जोड़ा गया तो बचे परिवार भी पलायन कर सकते हैं।
शासनादेश के तीन साल बाद भी तोलबुधानी में शुरू नहीं हुआ सड़क निर्माण
मानिला (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे के अंतर्गत ग्राम सभा तोलबुधानी में शासनादेश होने के बाद भी सड़क नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। कहा कि गांव के शहीद हरि सिंह के नाम पर वर्ष 2016 में सरकार ने रतखाल बाजार से शहीद हरि सिंह के गांव तक सड़क बनाने का शासनादेश जारी किया था लेकिन तीन वर्ष बाद भी सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ।
प्रधान हेमा देवी ने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अस्पताल, बैंक, स्कूल आदि स्थानों को आने जाने में दिक्कतें होती हैं। ग्रामीणों की समस्याओं को अब तक की सरकारों ने नजरअंदाज किया वहां हेमंत सिंह, आनंद सिंह, हिम्मत सिंह, गोधन सिंह, किशन सिंह, नंदी देवी, भगा देवी, बालम सिंह, जमुना देवी, प्रतिमा देवी, मीना देवी, पुष्पा देवी आदि थे।