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घांघली नदी में बन रहे चैक डैम की जांच कराने की मांग
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:48 PM IST
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बागेश्वर। गरुड़ तहसील के बुंगा और कोट्यूड़ा क्षेत्रवासियों ने घांघली नदी में बन रहे चैक डैम में अनियमितता का आरोप लगाते हुए विजिलेंस से जांच कराने की मांग की है।
डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा है कि घांघली नदी में बुंगा और कोट्यूड़ा के ग्रामीणों की कृषि योग्य क्षतिग्रस्त भूमि में बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस कार्य में मानकों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा ऐसे स्थान पर निर्माण किया जा रहा है जहां पर नदी में रेता, पत्थर उपलब्ध है। नियमों को ताक पर रखकर जेसीबी लगाई गई है। मशीन से खनन कार्य करने से भविष्य में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने कहा है कि बाढ़ सुरक्षा योजना का लाभ काश्तकारों के हित में नहीं है। देवेंद्र सिंह, तारा देवी, इंद्रा देवी, मीना देवी, बीना देवी, हुकुम सिंह, मेहरबान सिंह, रतन राम, मोहनी देेवी, भवानी देवी, दान सिंह, भगवत सिंह, हीरा सिंह, कुंदन सिंह, मंगल सिंह आदि ने निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग की है।
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डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में सरपंच सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा है कि घांघली नदी में बुंगा और कोट्यूड़ा के ग्रामीणों की कृषि योग्य क्षतिग्रस्त भूमि में बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस कार्य में मानकों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा ऐसे स्थान पर निर्माण किया जा रहा है जहां पर नदी में रेता, पत्थर उपलब्ध है। नियमों को ताक पर रखकर जेसीबी लगाई गई है। मशीन से खनन कार्य करने से भविष्य में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
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ग्रामीणों ने कहा है कि बाढ़ सुरक्षा योजना का लाभ काश्तकारों के हित में नहीं है। देवेंद्र सिंह, तारा देवी, इंद्रा देवी, मीना देवी, बीना देवी, हुकुम सिंह, मेहरबान सिंह, रतन राम, मोहनी देेवी, भवानी देवी, दान सिंह, भगवत सिंह, हीरा सिंह, कुंदन सिंह, मंगल सिंह आदि ने निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग की है।
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