{"_id":"60d614ec8ebc3eb4404ad8ea","slug":"32-goats-died-due-to-unknown-disease-in-dhapti-village-bageshwar-news-hld4289981174","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढपटी गांव में अज्ञात बीमारी से 32 बकरियों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढपटी गांव में अज्ञात बीमारी से 32 बकरियों की मौत
विज्ञापन
बागेश्वर। कांडा तहसील के ढपटी गांव में अज्ञात बीमारी से 32 बकरियों की मौत हो गई है। बकरियों की मौत से पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से गांव में शिविर लगाकर बकरियों की स्वास्थ्य जांच कराने की मांग की है।
ढपटी गांव में ज्यादातर परिवार खेती और पशुपालन से आजीविका चलाते हैं। गांव में पिछले 15 दिनों से अज्ञात बीमारी फैली है, जिसकी चपेट में आने से 14 पशुपालकों की 32 बकरियां मर गई हैं। पशुपालक पार्वती देवी, पुष्पा धामी, अभय सिंह, प्रताप सिंह आदि ने बताया कि बीमार बकरियों में पहले नाक से पानी आ रहा है। इसके बाद उनके शरीर का तापमान बढ़ने के साथ दस्त हो रहे हैं। बीमार बकरियां चारा खाना बंद कर देती है, जिसके बाद उसकी मौत हो जाती है। बताया कि संक्रमित बकरियों को सामान्य बकरियों से अलग रखा गया है, इसके बावजूद बीमारी बढ़ रही है। लगातार बकरियों की मौत से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने जल्द गांव में जांच शिविर लगाने की मांग की।
ढपटी गांव में बकरियों की स्वास्थ्य जांच के लिए स्यांकोट के डॉक्टर को भेजा गया है। डॉक्टर की रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की असल वजह पता चल सकेगी। जिसके आधार पर उनका उपचार किया जाएगा। - डॉ. उदय शंकर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बागेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन
ढपटी गांव में ज्यादातर परिवार खेती और पशुपालन से आजीविका चलाते हैं। गांव में पिछले 15 दिनों से अज्ञात बीमारी फैली है, जिसकी चपेट में आने से 14 पशुपालकों की 32 बकरियां मर गई हैं। पशुपालक पार्वती देवी, पुष्पा धामी, अभय सिंह, प्रताप सिंह आदि ने बताया कि बीमार बकरियों में पहले नाक से पानी आ रहा है। इसके बाद उनके शरीर का तापमान बढ़ने के साथ दस्त हो रहे हैं। बीमार बकरियां चारा खाना बंद कर देती है, जिसके बाद उसकी मौत हो जाती है। बताया कि संक्रमित बकरियों को सामान्य बकरियों से अलग रखा गया है, इसके बावजूद बीमारी बढ़ रही है। लगातार बकरियों की मौत से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने जल्द गांव में जांच शिविर लगाने की मांग की।
विज्ञापन
ढपटी गांव में बकरियों की स्वास्थ्य जांच के लिए स्यांकोट के डॉक्टर को भेजा गया है। डॉक्टर की रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की असल वजह पता चल सकेगी। जिसके आधार पर उनका उपचार किया जाएगा। - डॉ. उदय शंकर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बागेश्वर
विज्ञापन