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रबी फसलों की बुआई सिर पर लेकिन नहरें सूखीं
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:39 PM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। ग्राम पंचायत कपकोट की दोनों नहरें आपदा की मार से क्षतिग्रस्त हो गई थीं। तब से विभाग ने नहरों की मरम्मत की जहमत नहीं उठाई। इससे रबी फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है। पानी नहीं चलने से किसानों का गुस्सा बढ़ते जा रहा है। ग्रामीणों ने नहरों में जल्द पानी न चलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत कपकोट की अपर और लोवर नहर बरसात में जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से नहरों के ठीक नहीं होने से खेतों के हलक सूखे ही हैं। ग्रामीण सिंचाई विभाग से नहरों को ठीक करने की कई बार मांग कर चुके हैं लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। दूसरी ओर नहरों में पानी नहीं चलने से रबी फसलों की बुआई पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
मौसमी सब्जियों की भी सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा रहा है। उधर सहायक अभियंता टीएन बिष्ट का कहना है कि दैवीय आपदा मद से मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही नहरों की मरम्मत कराई जाएगी। आंदोलन की चेतावनी देने वालों में ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, बीडीसी सदस्य तारा कपकोटी, पूर्व उप प्रधान महिमन कपकोटी, त्रिलोक कपकोटी, दरबान, दलीप, प्रेम सिंह, प्रताप राम, गोविंद राम, कमला, सरस्वती देवी आदि शामिल हैं।
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ग्राम पंचायत कपकोट की अपर और लोवर नहर बरसात में जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से नहरों के ठीक नहीं होने से खेतों के हलक सूखे ही हैं। ग्रामीण सिंचाई विभाग से नहरों को ठीक करने की कई बार मांग कर चुके हैं लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। दूसरी ओर नहरों में पानी नहीं चलने से रबी फसलों की बुआई पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
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मौसमी सब्जियों की भी सिंचाई नहीं हो पा रही है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा रहा है। उधर सहायक अभियंता टीएन बिष्ट का कहना है कि दैवीय आपदा मद से मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही नहरों की मरम्मत कराई जाएगी। आंदोलन की चेतावनी देने वालों में ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, बीडीसी सदस्य तारा कपकोटी, पूर्व उप प्रधान महिमन कपकोटी, त्रिलोक कपकोटी, दरबान, दलीप, प्रेम सिंह, प्रताप राम, गोविंद राम, कमला, सरस्वती देवी आदि शामिल हैं।
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