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तेंदुओं के हमले में बाल-बाल बचा किशोर
Updated Sun, 21 Jan 2018 09:48 PM IST
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बागेश्वर। कांडा तहसील के हुदमधार क्षेत्र में बकरियों को चराने के लिए जंगल गया एक किशोर तेंदुओं के हमले में बाल-बाल बच गया। तेंदुए के जोड़े ने आधा दर्जन बकरियों को मार दिया। जबकि आधा दर्जन बकरियां लापता हैं।
झांकरा गांव के ओखलीधारा निवासी मोहन राम का पुत्र अनिल शनिवार को अपनी और ताई मीना देवी की 18 बकरियों और एक जोड़ी बैल को चराने हुदमधार के जंगल में गया था। शाम को घर लौटते समय तेंदुए के जोड़े ने मवेशियों के झुंड पर हमला कर दिया। सामने तेंदुओं को देखकर भयभीत अनिल घर की ओर भाग गया। रात होने के कारण शनिवार को ग्रामीण मवेशियों की खोजबीन नहीं कर सके। रविवार को जंगल में खोजने पर उन्हें आधा दर्जन बकरियों के क्षत-विक्षत शव मिले। जबकि छह बकरियां थाला गांव में मिलीं, छह बकरियों का कोई पता नहीं चल सका। मोहन राम के परिवार की आजीविका बकरी पालन पर ही निर्भर है। मोहन ने वन विभाग से शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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झांकरा गांव के ओखलीधारा निवासी मोहन राम का पुत्र अनिल शनिवार को अपनी और ताई मीना देवी की 18 बकरियों और एक जोड़ी बैल को चराने हुदमधार के जंगल में गया था। शाम को घर लौटते समय तेंदुए के जोड़े ने मवेशियों के झुंड पर हमला कर दिया। सामने तेंदुओं को देखकर भयभीत अनिल घर की ओर भाग गया। रात होने के कारण शनिवार को ग्रामीण मवेशियों की खोजबीन नहीं कर सके। रविवार को जंगल में खोजने पर उन्हें आधा दर्जन बकरियों के क्षत-विक्षत शव मिले। जबकि छह बकरियां थाला गांव में मिलीं, छह बकरियों का कोई पता नहीं चल सका। मोहन राम के परिवार की आजीविका बकरी पालन पर ही निर्भर है। मोहन ने वन विभाग से शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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