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सिय तुम घर रहना प्यारी...
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:55 PM IST
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बागेश्वर। धरमघर की रामलीला में दशरथ कैकयी संवाद और राम वन गमन के कार्यक्रम का खूबसूरत मंचन किया गया। यहां रामलीला देखने वालों की खासी भीड़ रही। हास्य कलाकार हरीश तिवारी ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया।
रामलीला मंच में राजा दशरथ द्वारा श्री राम को राजपाठ सौंपने के लिए वशिष्ठ महराज से परामर्श करने, मंथरा द्वारा कैकयी को राजा दशरथ से एक से राम को 14 बरस का वनवास, भरत का राजपाठ देने का वरदान देने की मांग करने, कैकयी के कोप भवन में जाने, राम, लक्ष्मण, सीता का 14 बरस के लिए वन को जाने के दृश्य का मंचन किया गया।
दशरथ ने कैकयी से सुमुखि सुलोचनी...चौपाई गाई जबकि कैकयी ने दे हो राजा मोहे दोई वरदाना...चौपाई गाई। राम ने सिय तुम घर रहना प्यारी...चौपाई गाई जबकि सीता ने वन को मैं चलूंगी अवश्य प्राणनाथ...चौपाई गाई। मुख्य अतिथि सुभाष नंदा और विशिष्ट अतिथि मल्लिकार्जुन स्कूल के प्रधानाचार्य भरत रावत थे। वहां कमेटी के अध्यक्ष उमा पंचपाल, संयोजक गोकुल पंचपाल, व्यवस्थापक केदार महर, चेतन धर्मशक्तू, मनोहर पंचपाल, प्रवीण कुमार, देवेंद्र मर्तोलिया, राजेंद्र महर, देवकीनंदन आदि थे।
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रामलीला मंच में राजा दशरथ द्वारा श्री राम को राजपाठ सौंपने के लिए वशिष्ठ महराज से परामर्श करने, मंथरा द्वारा कैकयी को राजा दशरथ से एक से राम को 14 बरस का वनवास, भरत का राजपाठ देने का वरदान देने की मांग करने, कैकयी के कोप भवन में जाने, राम, लक्ष्मण, सीता का 14 बरस के लिए वन को जाने के दृश्य का मंचन किया गया।
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दशरथ ने कैकयी से सुमुखि सुलोचनी...चौपाई गाई जबकि कैकयी ने दे हो राजा मोहे दोई वरदाना...चौपाई गाई। राम ने सिय तुम घर रहना प्यारी...चौपाई गाई जबकि सीता ने वन को मैं चलूंगी अवश्य प्राणनाथ...चौपाई गाई। मुख्य अतिथि सुभाष नंदा और विशिष्ट अतिथि मल्लिकार्जुन स्कूल के प्रधानाचार्य भरत रावत थे। वहां कमेटी के अध्यक्ष उमा पंचपाल, संयोजक गोकुल पंचपाल, व्यवस्थापक केदार महर, चेतन धर्मशक्तू, मनोहर पंचपाल, प्रवीण कुमार, देवेंद्र मर्तोलिया, राजेंद्र महर, देवकीनंदन आदि थे।
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