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भालू की पिती के साथ पकड़े गए अभियुक्त को तीन वर्ष का कारावास
Updated Tue, 08 May 2018 10:45 PM IST
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बागेश्वर। भालू के पित्त की तस्करी में पकड़े गए अभियुक्त को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्ष्मण सिंह ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार, कपकोट थाना पुलिस ने 19 अक्तूबर 2012 को कपकोट के गांव झूनी निवासी लोकपाल सिंह के पास से भालू का 50 ग्राम पित्त बरामद किया था। पुलिस ने प्रारंभिक विवेचना के बाद जांच वन विभाग को हस्तांतरित कर दी थी। एसडीओ सत्येंद्रनाथ त्रिपाठी ने मामले की जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। वन विभाग की ओर से न्यायालय में कुल पांच गवाह पेश किए गए।
मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई कर अभियुक्त लोकपाल सिंह को तीन वर्ष के कठोर कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। वन विभाग के अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा ने मामले की पैरवी की।
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मामले के अनुसार, कपकोट थाना पुलिस ने 19 अक्तूबर 2012 को कपकोट के गांव झूनी निवासी लोकपाल सिंह के पास से भालू का 50 ग्राम पित्त बरामद किया था। पुलिस ने प्रारंभिक विवेचना के बाद जांच वन विभाग को हस्तांतरित कर दी थी। एसडीओ सत्येंद्रनाथ त्रिपाठी ने मामले की जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। वन विभाग की ओर से न्यायालय में कुल पांच गवाह पेश किए गए।
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मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई कर अभियुक्त लोकपाल सिंह को तीन वर्ष के कठोर कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। वन विभाग के अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा ने मामले की पैरवी की।
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