{"_id":"5aa02ddc4f1c1bef7b8bb21a","slug":"181520446940-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक माह बाद भी नहीं जोड़ी क्षतिग्रस्त पाइप लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक माह बाद भी नहीं जोड़ी क्षतिग्रस्त पाइप लाइन
Updated Wed, 07 Mar 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कपकोट (बागेश्वर)। एक माह पूर्व टूटी पेयजल लाइन को अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। हर रोज हजारों लीटर पानी सड़कों पर ही बर्बाद हो रहा है। लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। शिकायत के बावजूद टूटी लाइन का सुधार नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
तहसील मुख्यालय के भुरकुटी, तहसील लाइन और थाना लाइन के लिए पेयजल आपूर्ति करने वाली पाइप लाइन कपकोट-सुकंडा मार्ग पर फट गया थी। लोगों ने इसकी सूचना जल संस्थान को दी, लेकिन इसके बावजूद अभी तक जल संस्थान ने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को दुरुस्त नहीं किया है।
इससे 60 से अधिक परिवारों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, क्षेत्र पंचायत सदस्य तारा कपकोटी, महिमन कपकोटी ने बताया कि जल संस्थान की उपेक्षा के कारण उन्हें जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। जल संस्थान द्वारा सुबह सात बजे पानी खोला जाता है और आठ बजे बंद कर दिया जाता है। पाइप से आधा पानी मार्ग में ही बर्बाद होने के कारण घरों तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। परेशान उपभोक्ताओं ने जल संस्थान के अधिकारियों से शीघ्र क्षतिग्रस्त पेयजल योजना को सुधारने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तहसील मुख्यालय के भुरकुटी, तहसील लाइन और थाना लाइन के लिए पेयजल आपूर्ति करने वाली पाइप लाइन कपकोट-सुकंडा मार्ग पर फट गया थी। लोगों ने इसकी सूचना जल संस्थान को दी, लेकिन इसके बावजूद अभी तक जल संस्थान ने क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को दुरुस्त नहीं किया है।
विज्ञापन
इससे 60 से अधिक परिवारों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान पूरन कपकोटी, क्षेत्र पंचायत सदस्य तारा कपकोटी, महिमन कपकोटी ने बताया कि जल संस्थान की उपेक्षा के कारण उन्हें जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। जल संस्थान द्वारा सुबह सात बजे पानी खोला जाता है और आठ बजे बंद कर दिया जाता है। पाइप से आधा पानी मार्ग में ही बर्बाद होने के कारण घरों तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। परेशान उपभोक्ताओं ने जल संस्थान के अधिकारियों से शीघ्र क्षतिग्रस्त पेयजल योजना को सुधारने की मांग की है।
विज्ञापन